सुमन शर्मा
डिब्रूगढ़। डिब्रू साहित्य संस्कृति जनमंच के बैनर तले डिब्रूगढ़ की उभरती कवियत्री व लेखिका सबिता केसान की प्रथम पुस्तक " गुजारिश है तुझसे ना रूठे ऐ जिंदगी " का विमोचन नगर के गार्डपाड़ा स्थित जिमखाना क्लब में बड़े ही धूमधाम के साथ किया गया। इस अवसर पर विमोचन सभा की अध्यक्षता डिब्रूगढ़ साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष दुर्लब चेतिया ने की उनके साथ मंचासीन थे कवि एवं चिकित्सक डा प्रणय फूकन, साहित्यकार देवीप्रसाद बागड़ोदिया, डीएचएसके कॉलेज के प्रिंसिपल डा शशिकांत सैकिया, जानेमाने साहित्यकार एवं चिकित्सक डा निर्मल साहेवाला एवं व्योवृद्ध समाजसेवी रामदेव केड़िया। सभा के प्रारंभ में डिब्रू साहित्य संस्कृति जनमंच के पूर्ण बरदोलोई ने सभी अतिथियों का परिचय कराते हुए उन्हें मंचासिन करवाया। इसके पश्चात केसान परिवार के सदस्यों द्वारा सभी मंचासिन अतिथियों का फूलम गमछा पहनाकर अभिनंदन किया गया। विमोचन समारोह का शुभारंभ वयोवृद्ध समासेवी रामदेव केड़िया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद श्रीमती रंजू भट्टाचार्य ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। उभरती गायिका अन्यशा फूकन ने सबिता केसान द्वारा लिखित गीत गाकर सभी का मनमोह लिया। तत्पश्चात पुस्तक की रचनाकार सबिता केसान ने सभा के समक्ष अपने अनुभव सांझा किए। इसके बाद शुरू हुवा मुख्य कार्यक्रम जिसमें सभी अतिथियों ने मिलकर हर्षोल्लास के साथ सबिता केसान की पुस्तक गुजारिश है तुझसे ना रूठे ऐ जिंदगी का विमोचन किया तथा सभा के समक्ष अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान समाजसेवी राधेश्याम ढंढ ने भी अपने मधुर स्वर में सबिता केसान द्वारा रचित कविता का पाठ किया। इस समारोह में विभिन्न संस्थाओं मारवाड़ी सम्मेलन, डिब्रूगढ़, लुईतपोरिया स्वर्ण शाखा साहित्य सभा, लेखिका संस्था सहित अन्य संस्थाओं ने लेखिका सबिता केसान का अभिनंदन किया। अंत में डिब्रू साहित्य संस्कृति जनमंच के साधारण सचिव जयंत बोरदोलोई ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद यापन किया।







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