लंबी यात्रा के दौरान कई लोगों को उल्टी क्यों आती है, ये बीमारी है या कुछ और? - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

लंबी यात्रा के दौरान कई लोगों को उल्टी क्यों आती है, ये बीमारी है या कुछ और?

अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग जब कार या बस से सफर करते हैं तो उनका जी मचलाता है या उल्टी की शिकायत होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है। सिर्फ सफर के दौरान ही ऐसा क्यों होता है। जब हम स्थिर रहते हैं तो ऐसा क्यों नहीं होता है?

ये कोई बीमारी नहीं है
मेडिकल साइंस में इस समस्या को मोशन सिकनेस कहा जाता है। इस समस्या से आपको डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं है। ये एक ऐसी स्थिती होती है जब हमारे दिमाग को भीतरी कान, आंख और त्वचा से अलग-अलग सिग्नल मिलने लगते हैं। इस कारण से हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम कन्फ्यूज हो जाता है। अगर आप थोड़ी सावधानी बरतते हैं तो इस सिकने से निजात पा सकते हैं।

मोशन सिकनेस से बचने के लिए इन बातों का रखे ध्यान
अगर आपको सफर के दौरान उल्टी की समस्या होती है तो आप किसी भी बड़े वाहन के पीछे की सीट पर बैठने से परहेज करें। पीछे की सीट पर गति का एहसास अधिक होता है। अगर आप कार से सफर कर रहे हैं और उल्टी की समस्या है तो आप हमेशा फ्रंट सीट पर बैठें। इसके अलावा आप कभी भी सफर के दौरान किताब न पढ़ें। इससे आपके दिमाग को गलत संदेश मिलता है।

अगर आपको अभी भी मिचली आ रही है, तो कार की खिड़की खोलकर बाहर की ओर मुंह करके बैठ जाएं, ताजी हवा मिलने से आप बेहतर महसूस करेंगे। इसके अलावा सफर के दौरान न तो ज्यादा हेल्दी टाइट ले और न ही खाली पेट सफर करें। दोनों ही स्थिती में उल्टी आने की समस्या आ सकती है।

अपना ध्यान भटकाएं
इसके अलावा आप मोबाइस पर गाना सुनकर या बातचीत करके भी इस चीज को रोक सकते हैं। कुल मिलाकर कहें तो मोशन सिकनेस में बेहतर महसूस करने के लिए आप अपना ध्यान भटकाएं। शोधकर्ताओं की माने तो संगीत सुनने से मतली और मोशन सिकनेस से जुड़े अन्य शारीरिक विकारों को कम करने में मदद मिल सकती है।

​प्रेशर प्वाइंट
जब भी आप मोशन सिकनेस की सिचुएशन का सामना कर रहे हों तब कलाई के साथ एक एक्यूप्रेशर बिंदु जिसे नी-कुआन (पी 6) कहा जाता है उसे दबाएं, यह ट्रिक आपको जल्दी राहत दे सकती है। अपने दाहिने हाथ की तर्जनी, मध्यमा और अनामिका को क्रीज के नीचे से प्रोसेस शुरू करें और अपनी बाईं कलाई को अंदर की ओर दबाएं। चार से पांच सेकंड के लिए एक या दोनों कलाइयों पर जोर से दबाव डालें।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें