गुवाहाटी। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा को मान्यता देने के लिए, असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की उपस्थिति में राज्य के 19 व्यक्तियों को असम के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं को प्रतिष्ठित किया है। यह पुरस्कार समारोह राजधानी के पांजाबारी स्थित शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, असम बैभव, असम सौरव और असम गौरव औपचारिक रूप से प्राप्तकर्ताओं को भारत सरकार द्वारा दिए गए पद्म पुरस्कारों के अनुरूप दिए गए। असम सरकार ने इन पुरस्कारों को पहली देने की परंपरा आरंभ की है। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि असम बैभव पुरस्कार के लिए प्रमाण पत्र और पदक के साथ पांच लाख रुपये की राशि दी गयी है। इसी तरह असम सौरव और असम गौरव के लिए प्रमाण पत्र और पदक के साथ चार लाख और तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान किया गया।
पहली बार राज्य सरकार की ओर से प्रदान किये गये असम बैभव पुरस्कार देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा को दिया गया, असम सौरव पुरस्कार शिक्षाविद् प्रो. कमलेंदु देब क्रोरी, लोक सेवा के क्षेत्र में डॉ. लक्ष्मणन एस, व्यवसाय प्रबंधन के लिए प्रो. दीपक चंद जैन, खेल के लिए लवलीना बोरगोहाईं और कला और संस्कृति में नील पवन बरुवा को दिया गया। असम गौरव पुरस्कार लोक सेवा और टीकाकरण के क्षेत्र में मुनींद्र नाथ नगेटी को, स्वास्थ्य और कोरोना प्रबंधन के लिए डॉ. बसंत हजारिका, पोल्ट्री फार्मिंग में आकाश ज्योति गोगोई, सुअर पालन में मनोज कुमार बासुमतारी को सम्मानित किया गया, खेल और पर्वतारोहण में खोरसिंग तेरांग, महिला उद्यमिता के लिए बोबी हजारिका, बुनाई के लिए हेमोप्रभा सुतिया, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं में नमिता कलिता, लोक सेवा में बोर्निता मोमिन, वन्यजीव संरक्षण के लिए धरणीधर बोरो, कृषि निर्यातक और उद्यमी के लिए कौशिक बरुवा, लोक सेवा में कल्पना बोरो और स्वास्थ्य एवं दवाई के क्षेत्र में आसिफ इकबाल को सम्मानित किया गया। (हि.स.)







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