गुवाहाटी। विरोधी दलों की आवाज को दबाकर असम सरकार मेघालय को जो 45 लाख बीघा भूमि स्थानांतरित करने जा रही है, वह कांग्रेस देने नहीं देगी। भाजपा के भी संग्रामी खून वाले नेता, कर्मी कांग्रेस के साथ असम की भूमि को बचाने की इस मुहिम में कांग्रेस के साथ शामिल हों। ये बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया से कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा सर्वदलीय बैठक के दौरान अपनी मर्जी विरोधी दलों के नेताओं पर थोपते रहे, जिसे कांग्रेस के नेता कभी भी नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक के दौरान कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी। लेकिन, मुख्यमंत्री ने इसे अनसुना करते हुए मेघालय को असम की जमीन देने की ठान ली है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि असम सरकार 45 लाख बीघा भूमि मेघालय को दे देती है तो असम का पिलिंगकांटा और बोको आदि इलाका मेघालय में चला जाएगा, जिसे कभी कांग्रेस जाने नहीं देगी।
भाजपा सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध आज प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता राजीव भवन से दिसपुर तक शांतिपूर्ण-प्रदर्शन करने के लिए निकले लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजीव भवन परिसर में ही पुलिस ने रोक दिया।
बोरा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी असम का इतना बड़ा नुकसान होने नहीं देगी। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि सरकार के इस सिद्धांत के विरुद्ध आवाज उठाएं और कांग्रेस के साथ इस आंदोलन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि असम-मेघालय सीमा समझौता के नाम पर असम की जमीन मेघालय को देने की बात किसी भी कीमत पर मानी नहीं जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के कारण उपजे आक्रोश को देखते हुए आखिरकार सुरक्षाबलों ने कांग्रेस के एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव से मिलने की अनुमति दी। इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता सुबह से ही राजीव भवन में एकत्र हुए थे। लेकिन, पहले से ही तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकलने नहीं दिया। प्रदर्शनकारी इस दौरान भाजपा और भाजपा की सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।







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