गुवाहाटी। बिना कोई प्रशिक्षण लिए कई कलाओं में पारंगत चंचल राठी ने नव वर्ष के उपलक्ष में अपनी कला का प्रदर्शन कर अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। नव वर्ष के उपलक्ष में चंचल राठी ने लड्डू गोपाल को विशेष पोशाक पहनाकर स्वयं अपने हाथों से बनाए 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया।उल्लेखनीय है कि छप्पन भोग के सभी व्यंजन अति सूक्ष्म रूप से छोटे छोटे आकार में बनाकर एक छोटी सी प्लेट में सजाकर भोग लगाया। नव वर्ष के उपलक्ष में अपनी इस कला का प्रदर्शन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड के निर्णायक के सामने ऑनलाइन के द्वारा कर के बुक रिकार्ड मे अपना नाम दर्ज करने में सक्षम हो गई। इस अवसर पर पूर्वोत्तर महिला संगठन की प्रांतीय सचिव पूनम मालपानी एवं पूर्वोत्तर साहित्य मनन चिंतन समिति की संयोजिका व अंचल 6 की सह मंत्री सुमित्रा चांडक भी उपस्थित थी। दोनों ने संयुक्त रूप से चंचल राठी के इस कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की। इसके अलावा माहेश्वरी महिला संगठन की प्रदेशाध्यक्ष वंदना सोमानी, राष्ट्रीय माहेश्वरी महिला पत्रिका समिती की अध्यक्ष सरला काबरा, प्रादेशिक सह सचिव संगीता काबरा, सुमित्रा चांडक, माहेश्वरी महिला संगठन गुवाहाटी की कार्य वाहक अध्यक्ष सीता झंवर, सचिव बरषा सोमानी व मधुलिका चांडक ने भी उपस्थित होकर शुभकामनाए दी। इससे पहले भी चंचल ने जुम एप्प पर लडडू गोपाल श्रृंगार, रंगोली, राखी बनाने आदि विषयों पर महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देकर कई महिलाओं को रोजगार प्रदान करने में सहयोग दिया। इसके साथ ही 20 तरह के आर्टफार्म बनाने में भी श्रीमती राठी ने कई महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया।







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