गुवाहाटी। स्थानीय किसानों, कृषि-उत्पादकों तथा व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादों को देश के वृहद् बाजारों तक पहुंचाने में पूर्वोत्तर सीमा रेल (पूसीरे) सफल हुई है। पूसीरे में गठित व्यापार विकास इकाई (बीडीयू) ने सामान परिवहन के लिए एकल खिड़की समाधान के रूप में कार्य किया है।
हाल ही में 29 दिसम्बर, 2021 को तिनसुकिया मंडल की बीडीयू टीम ने चांगलांग, अरुणाचल प्रदेश के जिला अधिकारियों से मुलाकात कर किसानों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के आय बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया। हस्तशिल्प, स्थानीय रूप से संसाधित/पैक्ड उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए स्टेशनों पर परिवहन और स्थान के लिए बाजार लिंकेज बनाने पर चर्चा की गई। न्यू तिनसुकिया से कोच्चि तक ट्रेन के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग क्षेत्र से कृषि उत्पादों के परिवहन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
दिसम्बर, 2021 के अंतिम सप्ताह के दौरान बीडीयू के प्रयास के परिणामस्वरूप पूर्णिया से आजरा तक मक्का परिवहन किया गया। स्टोन चिप्स को अलीपुरद्वार मंडल के डामडिम और लमडिंग मंडल के श्रीबार, न्यू हरांगाजाओ, पांचग्राम, आमनी, न्यू हाफलांग से विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाया गया। विभिन्न गंतव्यों के लिए लमडिंग मंडल के स्टार साइडिंग, लंका और सालचापरा से सीमेंट ट्रैफिक लोड किया गया था। सप्ताह के दौरान लमडिंग मंडल के बिहारा से क्लिंकर, तिनसुकिया मंडल के तुली से कोयला, न्यू तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, मोरियानी से कच्चा सुपारी, काली चाय, इलायची, तिल के बीज आदि को विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाया गया।
पूसीरे ने माल परिवहन की मात्रा में वृद्धि करने के लिए सभी मंडलों यानी कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया, लमडिंग तथा तिनसुकिया और जोनल मुख्यालय स्तर पर व्यापार विकास इकाइयों (बीडीयू) की स्थापना की है। ट्रेन द्वारा नए सामग्री के परिवहन का पता लगाने के लिए ये बीडीयू अपने संबंधित क्षेत्रों में व्यापार तथा उद्योग घरानों के साथ नियमित रूप से चर्चा कर रही है। सड़क मार्ग की तुलना में रेलवे तेज एवं सस्ता परिवहन का माध्यम होने की वजह से यह देश भर के वृहद बाजारों के जरिए स्थानीय अर्थव्यस्था को बढ़ावा देगी। (हि.स.)







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