मदन सिंघल
सोनाई के विधायक करीमुदीन बङभूंया ने बीस लाख रुपए का सहयोग करने की घोषणा की
शहीद मंगल पांडेय मूर्ति स्थापना समिति का एक प्रतिनिधिमंडल आज शिलचर सर्किट हाउस में असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा से मिला। मुख्यमंत्री ने काछाड़ के जिलाधिकारी श्रीमती कीर्ति जाल्ली से पूछा कि घुंघुर बाईपास चौराहे के लिए कितना मूर्ति का प्रस्ताव आया है? जिलाधिकारी ने कहा कि अभी तक सिर्फ शहीद मंगल पांडे का एक ही प्रस्ताव है। फिर उन्होंने स्थानीय विधायक करीमुद्दीन बड़भुइंया उर्फ साजुदा से पूछा कि उनका क्या मत है? सुनाई के विधायक ने कहा कि उस स्थान पर मंगल पांडे का मूर्ति स्थापित होना चाहिए और यदि आप अनुमति देते हैं तो मूर्ति स्थापना के लिए मैं अपने फंड से ₹20 लाख का सहयोग करूंगा। संतुष्ट होकर मुख्यमंत्री ने कहा की शहीद मंगल पांडे मूर्ति स्थापना समिति की मांग पूरी की जाएगी और उन्होंने अभिभावक मंत्री अशोक सिंघल को मूर्ति स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करवाने का निर्देश दिया। यह समाचार फैलते ही घुंघुर, फकीरटीला, शिलकुड़ी सहित पूरे बराक घाटी में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई, समिति के कार्यकर्ता और सदस्य एक दूसरे को बधाइयां देने लगे। प्रतिनिधिमंडल में समिति के महासचिव दिलीप कुमार, जिला परिषद चेयरमैन अमिताभ राय, उपाध्यक्ष द्वय मानव सिंह और भोलानाथ यादव, सुभाष चौहान तथा रितेश नुनिया शामिल थे।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री के शिलचर आगमन पर शहीद मंगल पांडेय मूर्ति स्थापना समिति की ओर से शहीद मंगल पांडेय चौक घुंघुर पर मुख्यमंत्री जी का भव्य स्वागत किया गया। सैकड़ों लोगों ने भारत माता की जय, शहीद मंगल पांडे अमर रहे और डॉक्टर हिमंत विश्वशर्मा स्वागतम आदि नारे से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। लोगों ने फूल, माला और दुपट्टे से मुख्यमंत्री को लाद दिया। मंगल पांडे चौक पर सैकड़ों लोगों के हुजूम को देखकर मुख्यमंत्री का काफिला रुक गया और मुख्यमंत्री ने गाड़ी से बाहर निकल कर लोगों के स्वागत सम्मान को स्वीकार किया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में दिलीप कुमार, राम सिंहासन चौहान, डॉक्टर वैकुंठ ग्वाला, मानव सिंह, भोला नाथ यादव, गणेश लाल छत्री, रामनारायण नुनिया, राजेंद्र पांडेय, सुभाष चौहान, तपन धर, श्यामू यादव, रंजन सिंह, मनोज जायसवाल, कंचन नुनिया, श्रीराम नुनिया, प्रदीप कुर्मी, निर्मल ग्वाला, शंभू कुर्मी, निर्मल कुर्मी, रामनाथ नुनिया, जवाहरलाल पांडे, प्रभुनाथ सोनार, शिव शंकर नुनिया, अजय नुनिया, सुदर्शन ग्वाला, महादेव नुनिया, संजीव नुनिया, रितेश नुनिया तथा श्रीमती उमा नुनिया आदि शामिल थे।







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