पटना से चावल लेकर पांडू पहुंचा कार्गो जहाज़ - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

पटना से चावल लेकर पांडू पहुंचा कार्गो जहाज़





गुवाहाटी। बिहार की राजधानी पटना से चावल लादकर 29 दिन का जलमार्ग से सफर के बाद रविवार को ब्रह्मपुत्र नद के गुवाहाटी, पांडू पोर्ट पर एमवी लाल बहादुर शास्त्री कार्गो जहाज़ पहुंचा। यह कार्गो जहाज पटना से गत पांच फरवरी को परीक्षण के तौर पर 200 मैट्रिक टन चावल लेकर रवाना हुआ था।


पटना से यात्रा शुरू कर यह जहाज भागलपुर, मनिहारी, साहिबगंज, फरक्का, त्रिवेणी, कोलकाता हल्दिया, हेमनगर, खुलना, नारायणगंज, सिराजगंज सिलमारी होकर ब्रह्मपुत नद के रास्ते असम के धुबरी और जोगीघोपा होकर 2,350 किमी की यात्रा पूरी कर पांडू घाट पर आज पहुंचा है।

जहाज की अगवानी के लिए पांडू पोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा और गुवाहाटी की सांसद क्वीन ओझा मौजूद थीं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सनोवाल ने कहा कि आज असम में आभ्यंतरीन जल परिवहन के क्षेत्र में एक नई युग का शुभारंभ हुआ है। इस पहल से व्यवसायियों को आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के सभी राज्य प्रगति और उन्नति की दिशा की ओर तेजी बढ़ रहे हैं। निश्चित रूप से जल मार्ग द्वारा कार्गो के चलने से पूर्वोत्तर भारत का तेजी से विकास होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अपने संबोधन में "एक्ट ईस्ट नीति" का उल्लेख करते हुए आज के दिन को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग द्वारा कार्गो जहाज़ के आगमन पर समग्र पूर्वोत्तर के आर्थिक विकास को एक नयी दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि परीक्षण के तौर पर इस जहाज को चलाया गया, यही कारण है कि इसे पटना से पांडू पहुंचने में काफी समय लगा है। रस्ते में नाविकों ने विभिन्न समस्याओं का सामना किया। अब इन समस्याओं के समाधान पर काम शुरू किया जाएगा। जिससे जहाज पहुंचने में और भी कम समय लगेगा।

उल्लेखनीय है कि राम प्रसाद बिस्मिल नामक और एक जहाज़ दो बार्ज कल्पना चावला और एपीजे अब्दुल कलाम के साथ 1800 मैट्रिक टन टाटा स्टील लेकर गत 17 फरवरी को हल्दिया से यात्रा शुरू कर पांडू की ओर आ रहे हैं और अब धुबरी के बांग्लादेश सीमांत इलाके में पहुंच गये हैं।

वहीं नुमालीगढ़ शोधनागर की 252 मैट्रिक टन डाइमेंशनल कार्गो गत 15 फरवरी इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल जल मार्ग से हल्दिया से सिलघाट में पहुंचा है। साथ में 250 मैट्रिक टन कार्गो जल मार्ग द्वारा सिलघाट पहुंचने वाले हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत और बांग्लादेश के बीच आभ्यंतरीन जल परिवहन और वाणिज्य प्रोटोकॉल के द्वारा दोनों देश के बीच सामान लेन-देन के लिए पारस्परिक जल मार्ग का व्यवहार करने की व्यवस्था है। राष्ट्रीय जल मार्ग-1 (गंगा नदी), राष्ट्रीय जल मार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र) और राष्ट्रीय जल मार्ग-16 (बराक नदी) के साथ इंडो बांग्लादेश प्रोटोकॉल के द्वारा जोड़ा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के एक्ट ईस्ट नीति के अनुसार केंद्रीय पोत, जहाज परिवहन और जल पथ मंत्रालय ने अभ्यंतरीन जलपथ प्राधिकरण के द्वारा राष्ट्रीय जल मार्ग-1, भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल पथ और राष्ट्रीय जल मार्ग-2 में आधारभूत ढांचा विकसित करने की परियोजना शुरू की जाएगी। जिसके द्वारा पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ भारत के विभिन्न राज्य तथा पड़ोसी देशों के साथ संपर्क और अधिक विकसित होगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें