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माहेश्वरी महिला समिती का उल्लेखनीय कार्य



गुवाहाटी--अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत राष्ट्रीय महिला आह्वान कर्मण्ए वाधिकारस्ते को चरितार्थ करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला अधिकार उत्थान सुरक्षा एवं सशक्तिकरण समिति के माध्यम से 3 सूत्री कार्यक्रम स्वाश्रिता प्रोजेक्ट द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च 2022 को राष्ट्रीय स्तर पर संपन्न होने जा रहा है जिसमें सर्वप्रथम..

भारत भर में 16 सेंटर चालू किए जा रहे हैं जहां पर सिलाई का प्रशिक्षण बहुत ही सामान्य शुल्क पर प्राप्त किया जा सकता है


पुनः यही नहीं सिंगर इंडिया के साथ हुए एमओयू अनुसार इन सेंटर में सीखने वाले विद्यार्थियों को लगभग आधे दाम पर सिंगर की सिलाई मशीनें प्राप्त करवाई जा सकेंगी।

इसी के साथ साथ अपने श्रंखलाबद्ध संगठन के माध्यम से भारत और नेपाल भर में लगभग 525 मशीनों को विभिन्न स्थानों पर महिलाओं को देकर स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रहा है
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन अध्यक्ष आशा माहेश्वरी (कोटा) महामंत्री मंजू बांगड़ (कानपुर) के नेतृत्व में नेपाल चैप्टर सहित सभी 27 प्रदेशों के सामूहिक प्रयासों से महेश्वरी समाज के ध्येय वाक्य सेवा त्याग सदाचार को साकार करते हुए 8 मार्च को एक वृहत कार्यक्रम के द्वारा सिलाई मशीन के सबसे बड़े वितरण का कार्य संपन्न कर रहा है।
कार्यक्रम का संयोजन प्रकल्प प्रमुख के रूप में गिरिजा सारडा (नेपाल) अपनी टीम महिला सशक्तिकरण समिति प्रभारी उषा मोहंता (रायपुर), कंचन राठी (भिवानी मंडी), स्वाति काबरा (मुंबई), रश्मि बिन्नानी (कोलकाता), राजश्री मोहता (दिल्ली) एवं प्रतिभा जी नथानी (रायपुर) के साथ मिलकर कर रही है। इस पूरी टीम का कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
महिला संगठन की कोषाध्यक्ष ज्योति राठी ने बताया की मशीनें कम से कम कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए सिंगर के साथ एक एमओयू साइन किया गया है। संगठन मंत्री शैला कलंत्री एवं कार्यालय मंत्री मधु बाहेती द्वारा पूरे राष्ट्रीय संगठन की विभिन्न शाखाओं को जोड़कर काम किए जाने के लिए ₹50 से लेकर 50 महीनों तक के सहयोग की बात बताई गई।
माहेश्वरी समाज में दान देने का अलग ही महत्व है और इसी महत्व को सर्वोपरि मानते हुए ज्ञानदान के कार्यक्रम में महिलाओं को स्वाश्रिता ( स्व आश्रिता) बनाने के लिए संगठन की तरफ से यवतमाल में सुसाइड फार्मर्स की विधवाओं के लिए एक सेंटर तथा शिबला (विदर्भ) में कुमारी माताओं के लिए दूसरे सेंटर के साथ-साथ कोटा, कानपुर, नेपाल, नांदेड़, कोलकाता, रायपुर, उड़ीसा इत्यादि स्थानों पर भी सेंटर खोले जा रहे हैं।

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