गुवाहाटी। माननीय मुख्यमंत्री के आह्वान पर रंगाली बिहु को लोकउत्सव के रूप में हर्षो उल्लास से मनाने के लिये शुभम् बिल्डवेल सोसाइटी के परिजनों ने रचनात्मक पहल करते हुये सोसाइटी परिजनों के साथ बीती रात को शानदार ढंग से मनाया। परिजनों का उत्साह चरम पर था, विगत पन्द्रह दिनों से स्थानीय बिहु नृत्य प्रशिक्षक के सहयोग से 24 बच्चों एवं 35 महिलाओं ने बिहु नृत्य को सिख कर अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मौह लिया।
बिहु उत्सव का संयोजन करते हुये सोसायटी की सांस्कृतिक समिति की संयोजिका श्रीमती बबिता अग्रवाल ,रूनमी खाउंड,प्रियंका पारीक, बृंदा बेड़िया, मंजू मल्ल,सारधा अग्रवाल, अनुपमा अग्रवाल, पुजा बैद, वीर विजय गाड़ोदिया प्रदीप लाहोटी एवं शंकर बिड़ला ने सोसायटी के सभी परिवार को इस उत्सव से जोङ कर महोत्सव बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाई। सोसायटी के लान को बिहु अनुरूप साज सज्जा कर न सिर्फ वातावरण तैयार किया बल्कि परिजनों ने असमिया वेशभूषा धारण कर इसे परम्परागत रूप से निखारा। शंकर बिङला एवं रूनमी खाऊँड ने सांस्कृतिक संध्या का संचालन करते हुये उत्सव के मुख्य अतिथि बिमल चन्द्र खाउंड, सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश कुमार जैन, सचिव मनीष कुमार अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष बाबुलाल जैन के करकमलों से दीप प्रज्जवलित करवाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करवाया। विभिन्न कार्यक्रम की प्रस्तुति करतें हुये बच्चों एवं महिलाओं ने बिहु नृत्य से सभी का मनमोह लिया। शारदा हजारिका एवं टीम ने बिहु के कर्णप्रिय गीतों से माहौल को खुशनुमा बनाया और स्थानीय संस्कृति से सभी को जोङते हुये बिहु गीतों पर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में श्री संजीव हजारिका, कौशिक बोरा, दीपज्योति हजारिका, गायत्री बोरा, हिमाद्रि शिखर दत्ता, कौशिक डेका, माधुरी खाउंड एवम सुमन्तो खाउंड ने महती भूमिका निभाई तथा अपने अनुभवों से सोसायटी के आयोजन को सांस्कृतिक रंग में सजाया। सोसायटी के बङे बुजुर्गों एवं अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुये बच्चों व बहू-बेटियों में उमङे असमिया संस्कृति प्रेम को अच्छी सीख बताते हुये ऐसे आयोजन निरंतरता से करने पर जोर दिया।











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