गुवाहाटी। सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए 21 अगस्त व 28 अगस्त को 4 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने के असम सरकार के फैसले को अखिल भारतीय प्रोफेशनल कांग्रेस (एआईपीसी) की असम इकाई ने हास्यास्पद करार दिया है। राज्य इकाई के अध्यक्ष गौरव सोमानी ने कहा कि असम सरकार का उदाहरण लेते हुए यूपीएससी परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी को रोकने के लिए पूरे देश को इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर उचित तलाशी लेने से ऐसी घबराहट की स्थिति से बचा जा सकता है। गुवाहाटी जैसे शहर में लोग ऑनलाइन भुगतान नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहने से ऑनलाइन भुगतान और कार्ड से भुगतान ठप है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमान ने कहा "हमें नागरिकों से अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में भुगतान करने में सक्षम नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। कई लोगों ने शिकायत की है क्योंकि उन्हें अपनी उड़ान पकड़ने के लिए होटलों से चेक आउट करना पड़ा, लेकिन ऑनलाइन या डेबिट कार्ड से भुगतान नहीं कर पाए। कई छात्र सरकार के इस बेतुके फैसले के कारण ऑनलाइन कोचिंग और ट्यूशन कक्षाओं को जोइन नहीं कर पाए।" एआईपीसी ने आग्रह किया है सरकार ने अपने इंटरनेट प्रतिबंध के फैसले को वापस लेना चाहिए। पूरे राज्य में इस तरीके से अराजकता फैलाने के बजाय सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था पर काम करने की सलाह दी।
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असम सरकार का 4 घंटे इंटरनेट बंद करने का फैसला हास्यास्पद: प्रोफेशनल कांग्रेस
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