गुवाहाटी। होलसेल जनरल मर्चेंट एसोसिएशन के सौजन्य से माछखुवा आईटीए सेंटर में आयोजित कवि सम्मेलन में देश भक्ति की बयार इस तरह से बही कि पूरा हॉल भारत माता के जय घोष से गूंज उठा। इस कवि सम्मेलन में संचालन हरीश हिंदुस्तानी,कवि डॉक्टर कलीम केशर, राकेश शर्मा, गोविंद राठी और वीर रस के बेताज बादशाह योगेंद्र शर्मा ने अपने काव्य पाठ के द्वारा जबरदस्त तालियां बटोरी। इससे पहले कार्यक्रम संयोजक सिद्धार्थ नवलगढ़िया ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए होलसेल जनरल मरचेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी, सचिव प्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष नितिन सरावगी एवं कवि सम्मेलन के प्रायोजको को दीप प्रज्वलित करने के लिए मंच पर आमंत्रित किया।अध्यक्ष विजय गुप्ता ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि होलसेल जनरल मरचेंट्स एसोसिएशन व्यवसायी संस्था होने के बावजूद भी अपने सामाजिक दायित्व बोध को समझते हुए सामाजिक कार्यों में भी हिस्सा लेती आ रही है। आज पहली बार साहित्य और काव्य के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए यह पहला कवि सम्मेलन प्रस्तुत कर रही है। श्री गुप्ता ने आगे कहा कि आज आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में देश के वीर शहीदों को हम नमन करते हैं। हमें 13 अगस्त से 3 दिन के लिए हर घर में तिरंगा लगाकर राष्ट्र को नमन करना है। प्रधानमंत्री के अनुसार यह कार्यक्रम जन आंदोलन के रूप में मनाया जाना चाहिए। यह जन आंदोलन भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि घर घर में 3 दिन तक तिरंगा लहराएगा। कार्यक्रम में आयोजकों के सम्मान के पश्चात कवि हरीश हिंदुस्तानी ने कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए सभी कवियों का परिचय कराया।हरीश हिंदुस्तानी ने भगवान को बच्चे की मुस्कान में रहने का उदाहरण देते हुए काव्य पाठ किया। अपने हास्य व्यंग संचालन से हरीश हिंदुस्तानी ने हर बार श्रोताओ को हंसने पर मजबूर कर दिया।मध्य प्रदेश के कवि राकेश शर्मा ने देश पर मर मिट जाने के जज्बे के बारे में कविता के माध्यम से सुनाया। उन्होंने पाकिस्तान पर व्यंग कसते हुए कहा कि हमने पाकिस्तान को कई बार बुलाया पेप्सी कोकोकोला पिलाया फिर भी हरे भरे कश्मीर में घुसपैठ कर इसने आतंक मचाया। डॉक्टर कलीम कैसर ने साहित्यिक अंदाज में काव्य पाठ कर श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित किया। गोविंद राठी ने कोरोना व पत्नी को एक ही बीमारी बताते हुए एक संक्रमण और दूसरी को आक्रमक बताया। गोविंद राठी की हास्य काव्य शैली को श्रोताओ ने काफी पसंद किया। वीर रस के कवि योगेंद्र शर्मा ने अपने वीर रस काव्य से पूरे हाल को भारत माता की जय घोष से गुंजायमान कर दिया। उन्होंने अपनी चिर परिचित कविता सुनाते हुए कहा कि अगर सियासी रंग नहीं होता संविधान की वर्दी पर ,तो आतंकी घटनाओं को कोई नादान नहीं करता। सही वक्त पर सरेआम अफजल को फांसी दे दी गई होती तो मुंबई में घनघोर धमाके को शैतान नहीं करता। कवि शर्मा ने कारगिल योद्धा परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की कुर्बानी पर काव्य पाठ से सब को भावविभोर कर सबकी आंखें नम कर दी। उनकी हर पंक्ति पर भारत माता के जयकारों का उद्घोष होता रहा। कार्यक्रम के अंत में श्रोताओं के लिये लकी ड्रा का भी आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित विजेता श्रोताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन दिया।
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