अमित नागोरी
बीते रविवार को दोपहर ११:३० बजे जैन मंदिर प्रांगण में गोलाघाट गौशाला एवं कृषि केन्द्र की कार्यकारिणी समिति की सभा संपन्न हुई।अध्यक्ष सुशील कुमार जसरासरिया ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए सभा की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की। सचिव प्रदीप अग्रवाल ने गत सभा का प्रतिवेदन पाठ किया । तत्पश्चात कोषाध्यक्ष महेन्द्र जैन ने गत वर्ष का आय व्यय का हिसाब प्रस्तुत किया।सभा की उद्देश्य व्याख्या सचिव प्रदीप अग्रवाल ने की।
जगदीश शर्मा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वर्तमान समय में गौशाला में जगह और बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए गौवंश की संख्या ज्यादा है। इतनी छोटी जगह में ज्यादा गौवंश की देखभाल करना एक बड़ी चुनौती है। कार्यकर्ताओं के पास समय की कमी होने से संपूर्ण भार अध्यक्ष पर आन पड़ा है। शर्मा ने कहा कि सुशील जसरासरिया ने जब से कार्यभार संभाला है वे दिन रात गौसेवा का ही चिंतन किया ।स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने पर भी वे सक्रिय रहे । काफी संख्या में पुलिस द्वारा जब्त गौवंश को गौशाला में रखने से गौशाला की गायों के समुचित रखरखाव में काफी परेशानी होती है। सभा में यह प्रस्ताव लिया गया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में पुलिस द्वारा जब्त गौवंश को गौशाला में नहीं रखा जायेगा ।
ज्ञात हो कि इस गौशाला को सरकार से कोई भी अनुदान नहीं मिलता है। संपूर्ण खर्चा गौभक्तों एवं समाज पर ही निर्भर है। गौशाला में आमदनी का कोई दूसरा जरिया भी नहीं है। कार्यकर्ताओं की कमी के कारण समाज से अर्थ संग्रह में भी कठिनाई होती है।
अध्यक्ष सुशील जसरासरिया ने सभी सदस्यों एवं समाज बंधुओं से गौमाता हेतु भरपूर सहयोग करने की अपील की। वरिष्ठ समाज सेवी रामेश्वर प्रसाद रांधड,हनुमान प्रसाद रांधड, प्रदीप कुमार नावका,जुगल किशोर पृथानी सभी सदस्यों ने अध्यक्ष सुशील कुमार जसरासरिया के सेवा कार्य की सराहना की। अपने विचार रखते हुए कहा कि जब भी जरुरत होगी वे गौसेवा हेतु सहयोग करेंगे।
सुजीत कनोई ने भी अलग अलग टीम बना कर हर सप्ताह सेवा प्रदान करने का आश्वासन दिया ।सभी सदस्यों ने अपना अपना मंतव्य प्रकट किया ।सचिव प्रदीप अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ सभा भंग की घोषणा की।







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