पूजा माहेश्वरी
नगांव। अणुव्रत समिति , नगांव द्वारा पर्वा धिराज पर्यूषन पर्व के पाँचवें दिन को अणुव्रत चेतना दिवस के रूप में रविवार को यहां मनाया । इस अवसर पर तेरापंथ भवन में एक सभा का आयोजन अणुव्रत समिति के अध्यक्ष छतर गुज़रानी की उपस्थिति में किया गया । इस अवसर पर सम्मानिय उपासक द्वय सुशील बाफ़ना एवं नवरत्न मालु विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री गुजरानी ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत करते हुए अणुव्रत के नियमों का पालन करने का आग्रह किया । समिति के सदस्य मोहन लाल नहाटा ने आचार्य तुलसी द्वारा 1949 में गठित अनुव्रत के 11 व्रतों के बारे में विस्तार से बताया।
१. में किसी भी प्राणी का संकल्प पूर्वक बध नहीं करूँगा
२. में आक्रमण नहीं करूँगा
३. में हिंसात्मक एवं तोड़फोड़ मूलक प्रवृतियों में भाग नहीं लूँगा
४. में मानवीय एकता में बिस्वास रखूँगा
५. में धार्मिक सहिष्णुता रखुंगा
६. में व्यवसाय एवं व्यवहार में प्रामाणिक रहूँगा
७.में ब्रह्मचर्य की साधना एवं संग्रह की सीमा का निर्धारण करूँगा
८. में चुनाव में अनेतिक आचरण नहीं करूँगा
९. में सामाजिक कुरितीयों को प्रश्रय नहीं दूँगा
१०. में व्यसन मुक्त जीवन जियूँगा
११. में पर्यावरण की समस्या के प्रति जागरुक रहूँगा।
मोहन लाल नहाटा ने अणुव्रत के इन ग्यारह व्रतों की बहुत गहन व्याख्या कर सभी उपस्थित लोगों को ऑन नियमों के बारे में बताया।
उपासक द्वय ने भी अणुव्रत के सम्पूर्ण एतिहास के बारे में बताया। उन्होंने आचार्य तुलसी एवं आचार्य महाश्रमण द्वारा अणुव्रत के विषय में किए गए योगदान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष जीवन माल सुराना, सचिव रमेश सुराना , तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा श्री मती अंजु गुज़रानी, सज्जन गुज़रानी, देवेंद्र सिंह सहमी , नवरत्न बोकड़िया, बिमल दस्सानी, भंवरलाल धारीवाल, इंदर बोथरा , श्री मती संगीता चोरडिया, श्री मती गुड्डी नाहटा,श्री मती सरोज कुहाड, विकास कुहाड उपस्थित थे। समिति के सचिव संजय बोथरा जो अभी बंगलोर में है, ने भी इस कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई । यह जानकारी अणुव्रत समिति के प्रचार सचिव अजय मित्तल ने दी ।







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