ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
श्रीश्री सीतारामजी ठाकुरबाड़ी में तीन दिवसीय कार्यकर्मों के साथ भव्य आयोजन
लखीमपुर। धर्मनगरी लखीमपुर शहर के मध्य स्थित श्रीश्री सीतारामजी ठाकुरबाड़ी मंदिर, हनुमान मंदिर, नामघरो, व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं घरों में धूमधाम से मनाई गई श्री कृष्ण जन्म जन्माष्टमी । श्रीश्री सीतारामजी ठाकुरबाड़ी मंदिर प्रांगण में गत 18 अगस्त से 20अगस्त तक तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्मोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यकर्मों के साथ बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।
जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर श्रीश्री सीतारामजी ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह रंग बिरंगे गुब्बारे, पुष्प मालाएं, जंगल, टीम तिमाती लाइटों एवम विभिन्न प्रकार की सजीव झांकियां से इस प्रकार सजाया गया कि मानो जन्माष्टमी का यह उत्सव लखीमपुर में नहीं बल्कि मथुरा या वृंदावन मैं ही हो रहा हो। ठाकुरबाड़ी मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ 18 अगस्त की रात्री 8:30 बजे से किया गया। जिसमे 6 महीने से 12 साल तक की उम्र के सैकड़ों बच्चों ने भगवत स्वरूप विभिन्न वेशभूषा मैं सुसज्जित होकर ऐसा मनोरम दृश्य उत्पन्न किया जिसको देखने हजारों की संख्या में भक्तों का ताता लगा रहा। उसके पश्चात रात्रि 9:30 बजे से श्री कृष्ण जन्म के समय तक स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन सुचारू रूप से चलता रहा । तत्पच्यात रात्रि 11:41 बजे घंटा घड़ियाल की धोनी तथा "हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की" की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा।कार्यक्रम के दूसरे दिन 19 अगस्त की दोपहर 11:00 बजे ठाकुरबाड़ी मंदिर के बाहर विवेकानंद केंद्र के बच्चों व स्थानीय युवाओं के अलग-अलग दलों ने मटकी फोड़ कर "हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की" की भक्तिमय ध्वनि से मंदिर के आसपास के इलाके को कृष्ण भक्ति में डुबो देने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । उसके बाद रात्रि 8:00 बजे 4साल से 12 साल तक की उम्र के छोटे छोटे बच्चो ने अपनी मीठी मीठी अमृतमय वाणी से धार्मिक श्लोक, दोहे, भजन ईत्यादि प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह के मन को मोह लिया उसके पश्चात 15 साल से ऊपर के भक्तो के मध्य धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता रखी गई थी जिसमें पुरुष व महिला भक्तो ने बढ़ चढ़कर भाग लिया । उसके पश्चात दिनांक 20 अगस्त को छप्पन भोग 36 मेवा की झांकी, धार्मिक नृत्य नाटिका, लड्डू गोपाल मेला के साथ-साथ अति आकर्षित मटकी फोड़ अर्थात नंद महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नंद महोत्सव कार्यक्रम में नन्हे कृष्ण द्वारा माखन की मटकी को फोड़ कर माखन खाने का दृश्य आदित्य के रूप से शोभनीय रहा। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम संयोजक नंदकिशोर बजाज, सह संयोजक राजेश लोहिया, गोपाल चौधरी और श्री श्री सीताराम जी ठाकुर बाड़ी मंदिर समिती के अध्यक्ष जगदीश बजाज ने सभी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया । वहीं दूसरी तरफ शहर के मध्य स्थित श्री श्री हनुमान मंदिर में भी 19 अगस्त के दिन एक दिवसीय श्री कृष्ण जन्मोत्सव का विशाल आयोजन किया गया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हनुमान मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया तथा भक्तों द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय तक भजन कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि रात्रि 9:00 बजे से श्री कृष्ण के जन्म तक मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा हुआ था । कृष्ण जन्म के पश्चात हजारों भक्तों ने सुगमता पूर्वक पालने में विराजित भगवान श्री कृष्ण को भाव पूर्वक झूला झूलया उसके पश्चात प्रसाद लेकर अपने-अपने घर की ओर प्रस्थान किया । कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी समाज बंधुओं एवं कार्यक्रम संयोजक मंडली को श्री हनुमान मंदिर परिचालन समिति ने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया । इसके अलावा राधेश्याम आटा चक्की मिल, वासुदेव कल्याण ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यालय एवं शहर के प्राय सभी नामघरों मैं भी भगवान श्री कृष्ण का जन्म महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।
















कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें