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समाज के अस्तित्व एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए संस्कार संरक्षण आवश्यक: गाड़ोदिया

 


मारवाड़ी सम्मेलन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक बंगलौर में संपन्न 

बंगलौर। समय की धार को कभी कोई रोक नहीं सकता इसके साथ साथ गरिमा कैसे बनाए रखें, इस पर हम सबको सोचना चाहिए| आज परिवार में बुजुर्गों का सम्मान घटता जा रहा है। तलाक एक विकट समस्या का रूप लेती जा रही है। शादी के बाद माँ का बेटियों के ज़रूरत से ज्यादा सम्पर्क में रहना रिश्तों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। मेरा समाज से निवेदन है कि संस्कार बनाके रखिये, संस्कार रहेगा तो ही परिवार बचेगा। परिवार बचेगा तो समाज भी बचेगा। यह बातें अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष  गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने कर्नाटक प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के  आतिथ्य मे बेंगलौर स्थिति हरियाणा भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की षष्ठम बैठक में कहीं। 

निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष  संतोष सराफ ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार रहा है। यह अलग-अलग प्रांतों की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। हमारी उपस्थिति कम से कम 300 जिलों में होनी चाहिए। जिन प्रांतों में शाखाएं नगण्य हैं, वहां कम से कम पांच शाखाएं बनाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। समाज की नारी शक्ति से खास निवेदन है कि संस्कार, संस्कृति पर ध्यान दे। विवाह समारोह में मदिरापान पर अंकुश जरूरी है। प्री वेडिंग शूट से परहेज करना चाहिए।

सम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  भानी राम सुरेका ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री के पूरे देश के दौरों से  सम्मेलन को और मजबूती मिल रही है। वर्तमान सत्र में संगठन शक्ति एवं सामाजिकता एकता को बढ़ाये जाने पर विशेष जोर दिया गया है। 

राष्ट्रीय महामंत्री  संजय हरलालका विगत कार्यकलापों की संक्षिप्त जानकारी रखते हुए कहा कि समूह नहीं होगा तो कोई काम नहीं होगा | सम्मेलन का काम समाज को सुरक्षित रखना है। जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सम्मेलन से जुड़ें, सदस्य बनें और बनाएं। श्री हरलालका ने कहा कि मारवाड़ी भाषा में सम्बोधन करते हए कहा कि भाषा हमारी पहचान है। सभी भाषा-भाषी वैवाहिक आमंत्रण पत्र अपनी भाषा में छपवाते हैं, पर मारवाड़ी समाज के लोग या तो हिन्दी में या अंग्रेजी में,क्यों हम अपनी भाषा को विलुप्त होने दे रहे हैं, यह मानसिकता भविष्य में हमारी पहचान के लिए कतई शुभ संकेत नहीं देती।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री  बसंत मित्तल ने कहा कि दक्षिण भारत सहित जहां जहां सम्मेलन कमजोर है, शाखाएं नहीं है या पंजाब, हिमाचल प्रदेश जैसे प्रदेशों में प्रान्तीय गठन की आवश्यकता है, इस दिशा में आगामी दिनों वे कार्य करेंगे।

बैठक को सम्बोधित करते हुए कर्नाटक प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. सुभाष अग्रवाल ने कहा कि दक्षिण भारत के बंगलौर में आकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने का दूरगामी परिणाम निकलेगा, इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार प्रकट किया।कर्नाटक प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के तहत महिला समिति का गठन कर श्रीमती माया अग्रवाल को अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

बैठक में संगठन को व्यापक रुप देने के लिए कुछ अहम निर्णय भी लिए गए।

बैठक में बिहार प्रदेश के अध्यक्ष  महेश जालान, उत्कल के अध्यक्ष  गोविन्द प्रसाद अग्रवाल, पूर्वोत्तर के अध्यक्ष  ओम प्रकाश खण्डेलवाल, तमिलनाडु के अध्यक्ष  विजय गोयल, गुजरात के अध्यक्ष  गोकुल चन्द बजाज,  छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  पुरूषोतम सिंघानिया, केरल के नरेंद्र कुमार ने अपने-अपने प्रान्तों के कार्यकलापों की संक्षिप्त रिपोर्ट रखी।

बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  विजय लोहिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  पवन सुरेका, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  अशोक कुमार जालान, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री  सुदेश अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष  दामोदर प्रसाद बिदावतका, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री  शिव कुमार लोहिया, पवन जालान, अवकाशप्राप्त न्यायाधीश  रमेश चन्द मेरठिया, डॉ. सावर धनानिया, जगदीश गोलपुरिया सहित अन्यों ने सम्बोधित किया। 

बैठक में अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष  कपिल लाखोटिया सहित सर्वश्री बसंत हेतमसरिया, अरुण कुमार बुधिया, सीताराम अग्रवाल, माया अग्रवाल, जया चौघरी, सुरेश जालान, सुभाष झांझरिया, संजय चौधरी, प्रकाश चौधरी, विनोद गोयल, कृष्ण कुमार बगड़िया, अरुण कुमार खेमका, जय किसन बजाज, नीरज कुमार सावरिया, प्रदीप कुमार चौधरी, गोपी किशन खेतान, राजा राम शर्मा, अशोक धानुका सहित अन्य उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन कर्नाटक प्रान्त के महामंत्री  शिव कुमार टेकड़ीवाल ने किया।

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