शहर के बीचोंबीच स्थापित श्रीश्री राधाकृष्ण मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार आज भादप्रद मास के शुक्लपक्ष की एकादशी के मौके पर मंदिर प्रांगण से भगवान श्रीकृष्ण जी की पालकी निकाली गई। जलझूलनी एकादशी का आयोजन करते हुए भक्तों द्वारा यशोदा मैया और भगवान श्री कृष्ण को फूलों से सुसज्जित कर विधिवत रूप से पालकी में विराजमान किया गया तथा पालकी को गाजे - बाजे के साथ नदी तट पर ले जाया गया। ठाकुरजी की पालकी शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से निकली जोकि शहर के मुख्य मार्गो से होकर रंगिया के छटपूजा घाट स्थित बरौलिया नदी के तट पर पहुंची, जहां मंदिर के मुख्य पुजारी गोपाल शर्मा ने विधिवत रूप से मंत्रोच्चार के साथ स्नान कराकर ठाकुरजी की आरती उतारी। वहीं भारी संख्या में उपस्थित भक्तों ने ठाकुरजी की पूजा अर्चना की। इसके बाद पालकी को गाजे-बाजे के साथ पुनः मंदिर प्रांगण लाया गया। इस कार्यक्रम में महिला-पुरूष, युवा-बुजुर्ग और बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।







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