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गुवाहाटी: फाटाशील हरिजन कॉलोनी में भीषण अग्निकांड, डेढ़ सौ परिवार हुए बेघर, लाखों की संपत्ति स्वाहा


 पूरी हरिजन कॉलोनी राख में तब्दील 


गुवाहाटी। शुक्रवार की शाम 6:00 बजे के करीब फटाशील स्थित केआरबी गर्ल्स कॉलेज के पीछे बनी हरिजन कॉलोनी के एक झुग्गी झोपड़ी टाइप घर में आग की चिंगारी आ उठनी शुरू हुई ।तुरंत ही इस आग ने अपना र भयंकर रूप बना लिया एवं तुरंत ही आसपास के झुग्गी झोपड़ी टाइप मकानों में आग फैल गई। इसके साथ ही सिलेंडर विस्फोट होने शुरू हो गए। एक के बाद एक एक करके 15 सिलेंडरों के विस्फोट ने पूरे इलाकों को दहला कर रख दिया। सिलेंडर की आवाज से पूरे इलाकों में अफरा-तफरी और हाहाकार का माहौल बन गया। एक के बाद एक करके 15 सिलेंडर फटकर आग को बेकाबू कर दिया। हरिजन कॉलोनी में सरकारी सफाई कर्मचारियों का निवास है। जिसमें अधिकतर तेलुगु भाषी सफाई कर्मचारी रहते हैं ।जिसमें डेढ़ सौ परिवारों के करीब 400 लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। आग ने इतना भयंकर रूप धारण कर लिया कि महानगर की सभी अग्निशमन केंद्रों की दमकल गाड़ियां चारों ओर से आग बुझाने में लग गई। तकरीबन 15 से भी अधिक दमकल गाड़ियों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत से आग पर कुछ हद तक काबू पाया। 6:00 बजे लगी आग पर रात्रि 8:00 बजे तक भी पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका।जिसका मुख्य कारण रहा एक तो बिजली गुल होने की वजह से अंधेरों में राहत कार्य में बाधा आ रही थी। दूसरी ओर हरिजन कॉलोनी की तंग गलियों में दमकल विभाग के कर्मचारियों को अंदर प्रवेश करने में कठिनाइयां हो रही थी। अंधेरे की वजह से घरों के बीच के रास्ते भी दिखाई नहीं दे रहे थे। साथ ही हाहाकार और अफरातफरी के वजह से भी व्यवस्था बिगड़ गई थी। प्रभावित लोगों ने पास ही बने तिरुपति बालाजी मंदिर में शरण ली। अधिकांश प्रभावित लोग सड़कों पर आकर शरण ली। आग ने इतनी जल्दी भयंकर रूप धारण कर लिया था कि लोगों को अपना सामान तक निकालने की फुर्सत भी नहीं मिल पाई। घटनास्थल पर गुवाहाटी महानगर के पुलिस कमिश्नर हरमीत सिंह, गुवाहाटी मेयर मृगेंन शरणीया, स्थानीय पार्षद एवं अन्य सरकारी कर्मचारियों ने उपस्थित होकर व्यवस्था संभालने में हाथ बटाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के काफी देर बाद दमकल का पहुंचना शुरू हुआ था। जिसके चलते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। अगर समय पर दमकल पहुंच जाती तो बर्बादी को आधा रोका जा सकता था। इस घटना से प्रभावित लोगों के सामने एक यक्ष प्रश्न पैदा हो गया। इस सर्द रात में अपने बच्चों के साथ किस तरह से कहां रात गुजारे। पूरी कॉलोनी राख में बदल चुकी थी। लोगों के दैनिक उपयोगी सामान भी जलकर खाक हो गए। ऐसे में डेढ़ सौ परिवारों के सामने सर्दी और भूख से बचने की समस्या पैदा हो गई। यह अग्निकांड केआरबी गर्ल्स कॉलेज के पीछे हुआ था तथा गर्ल्स कॉलेज के सामने ही अमृत भोग भंडारे का कार्यालय अवस्थित है। अमृत भोग भंडारे के व्यवस्थापक भागचंद जैन ने तुरंत ही कार्रवाई करते हुए अग्नि पीड़ित लोगों के लिए सुबह के भोजन की तैयारियों में जुट गए।

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