शिक्षाविद् स्व. जगदीश प्रसाद अग्रवाल की प्रार्थना सभा आयोजित - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

शिक्षाविद् स्व. जगदीश प्रसाद अग्रवाल की प्रार्थना सभा आयोजित

 


पुलिस, प्रशासन, चिकित्सक सहित गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि


गुवाहाटी।  जाने माने शिक्षाविद्-वयोवृद्ध समाजसेवी स्व. जगदीश प्रसाद अग्रवाल की स्मृति में रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। छत्रीबाड़ी स्थित लोहिया लायंस ऑडिटोरियम में आयोजित प्रार्थना सभा में पुलिस-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा चिकित्सक, अधिवक्ता, पत्रकार सहित समाज के प्रबोध एवं गणमान्य लोगों ने अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।


इनमें विशेष डीजीपी (कानून व्यवस्था) जीपी सिंह, विशेष डीसीपी हरमीत सिंह, पूर्व डीजी प्रदीप कुमार, ऐके सिंह कश्यप, अजीत राउत, अतिरिक्त डीजीपी हिरेन नाथ, डीआईजी लाचित बरुआ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे


प्रार्थना सभा के अंत में अपने संबोधन में स्व. अग्रवाल के जेष्ठ पुत्र राजेश अग्रवाल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं कनिष्ठ पुत्र मुकेश अग्रवाल (आईपीएस) अपने संबोधन के दौरान भावुक हो उठे। भले ही सभी मुझे आईपीएस अधिकारी के रूप में पहचानते हो, मगर आज भी नगांव, होजाई में मेरी पहचान मेरे पिताजी जगदीश प्रसाद अग्रवाल से ही है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कहा जाता है कि ऐसे बेटा-बेटी सभी को मिले। पर मेरा मानना है कि मेरे पिताजी जैसे पिता सबको मिले।ग़ौरतलब है कि स्व. जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने 3 जनवरी को रात करीब 11.40 बजे अंतिम सांस ली थी।


वे एक अच्छे और नेक इंसान थे। वे मारवाड़ी अस्पताल के सलाहकार के पद से सेवानिवृत्त हुए।वे बहुत ही सरल व्यक्ति थे और मारवाड़ी अस्पताल में अपने कार्यकाल के दौरान हर गतिविधि में भाग लेते थे।”


स्वर्गीय जगदीश प्रसाद अग्रवाल का जन्म 1 जनवरी.1940 को हुआ था। उन्होंने तुलसीपुर जमुना मॉडल एच ई स्कूल, बिहार से मार्च, 1955 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की।  उन्होंने 1957 में डीएस कॉलेज, कटिहार, बिहार से आई ए परीक्षा उत्तीर्ण की और बिहार में कुल मिलाकर प्रथम श्रेणी और चौथी रैंक प्राप्त की।  उन्होंने 1959 में पटना विश्वविद्यालय से अंग्रेजी ऑनर्स में बीए पास किया।  उन्होंने 1961 में पटना विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एमए और 1962 में इसी विश्वविद्यालय से डिप-इन-एड पास किया।


उन्होंने 1962-64 तक मोहनलाल जलोका मेमोरियल कॉलेज, बिहार में अंग्रेजी विषय के व्याख्याता के रूप में कार्य किया।  उन्होंने 30 जनवरी 1971 से 31 दिसंबर.1999 तक होजई कॉलेज के प्राचार्य के रूप में भी काम किया।


 उन्होंने  मारवाडी दातब्य औषधालय के सलाहकार सहित मारवाड़ी अस्पतालों में विभिन्न क्षमताओं में 2001 से 2011 के अंत तक मारवाड़ी अस्पताल को अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कीं।  उन्होंने प्रारंभिक वर्षों में एमएचआरसी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें