7 स्वर्ण सहित 14 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
गुवाहाटी। हाल ही में लखनऊ में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर खेलकूद समारोह में पूर्वोत्तर प्रभाग का दबदबा देखने को मिला। असम के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे खिलाड़ियों ने कुल 14 पदक जीतकर प्रतियोगिता में पूर्वोत्तर दूसरे स्थान पर रहा। इनमें 7 स्वर्ण, 4 रजत व 3 कांस्य पदक शामिल है। गुवाहाटी पहुंचे सभी 14 खिलाड़ियों का आज नारायणनगर स्थित हरियाणा भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस मौके पर एकल अभियान खेल आयोजक समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत राय, कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद जैन, उपाध्यक्ष श्रीमती रीना भौमिक, एकल अभियान केंद्रीय कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पवन कुमार अगरवाला, वन बंधु परिषद पूर्वोत्तर क्षेत्र के जोनल चेयरमैन सुभाष सिकरिया, वन बंधु परिषद गुवाहाटी चैप्टर महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती रीता अगरवाला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
इस दौरान दौड़ में स्वर्ण पदक विजेता मेघाली पेगु, तुलिका देवी, बिभा स्वरा (2 स्वर्ण), मानस पेगु, ऊँची कूद में करीक इरिंग व विक्रम पेगु, दौड़ में रजत पदक मैना पेगु, पोली दोलै, ऊँची कूद में जैसमीन बोरा, लंबी कूद में कुमकुम चाम ओलिभिया (दक्षिण-पूर्वोत्तर संभाग), दौड़ में कांस्य पदक रितुपर्ण सइकिया, ऊँची कूद में गायत्री बोरी व लंबी कूद में वायनबोम विद्यापति (दक्षिण-पूर्वोत्तर संभाग) ने पदक झटक कर असम सहित पूर्वोत्तर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
इस मौके पर एकल अभियान खेल आयोजक समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत राय ने बताया कि पहली बार एकल अभियान के अंतर्गत खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से करीब 1 लाख गांवों से 6-10 वर्ष के शिशु तथा 10-14 वर्ष के बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लाकर उन्हें एक ऐसा मंच देना था, जहां से वे लोग आने वाले समय में देश के लिए खेल सके।
उपाध्यक्ष श्रीमती रीना भौमिक ने कहा कि पहली बार आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता हमारी अपेक्षा से कई गुणा सफल रही। ऐसे में हर वर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि प्रतियोगिता में जिन बच्चों ने हिस्सा लिया, उन्हें कभी भी किसी तरह का कोई प्रशिक्षण नहीं मिला। ग्रामीण क्षेत्र में रह कर भी इन बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर असम सहित पूर्वोत्तर का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के उत्साह को देखते हुए उनकी प्रतिभा को और निखारने का प्रयास एकल अभियान करता रहेगा ताकि यही बच्चे आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली क्रीड़ा प्रतिस्पर्धाओं में भारत का परचम लहरा सके।








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