गुवाहाटी। पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति के रजत जयंती के उपलक्ष में पूर्वोत्तर जनजाति संस्कृति महोत्सव के दो दिवसीय आयोजन का आज रविवार को असम के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी शुभारंभ करेंगे। पूर्वोत्तर जनजातीय संस्कृति महोत्सव समिति के अध्यक्ष बसंत अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि दिसपुर स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार एवं प्रशिक्षण केंद्र में दो दिवसीय संस्कृति महोत्सव का असम के राज्यपाल रविवार को शाम 4 बजे अपनी गरिमामई उपस्थिति के साथ शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। दूसरे दिन सोमवार को शंकरदेव कालाक्षेत्र स्थित श्रीमंता शंकरदेव इंटरनेशनल ऑडिटोरियम मे परम वंदनीय आनंदमूर्ति गुरु मां अपना प्रवचन देगी। अध्यक्ष अग्रवाल ने आगे बताया कि रजत जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर एक सम्मान समारोह होगा।जिसमे जनजाति क्षेत्रों की शिक्षा के लिए काम करने वाले 15 विशिष्ठ व्यक्तियों को माननीय राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। समारोह मे जनजाति समुदाय के लिए अपनी सांस्कृतिक, समृद्धि और परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। दोनों दिन असम प्रकाशन भारती, आरजी बरुआ रोड पर क्षेत्रीय स्तर पर संगोष्ठी होगी। गुवाहाटी क्षेत्रीय स्तर की संगोष्ठी विशेषज्ञों और विद्वानों को स्कूल स्तर पर भारतीय भाषाओं के शिक्षण पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी। आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम संगीत और नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से जनजाति समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे। समिती के सचिव डॉ. अभिजीत पायेंग ने बताया कि पूर्वोत्तार जनजाति शिक्षा समिति से संबंधित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान जिसकी स्थापना 1997 में की गई एवं जोउत्तर पूर्व के जनजाति बच्चों को सामूहिक शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रदान करता है जो विद्या भारती की विभिन्न राज्य समितियों के साथ संबंधित एकल की एक अनूठी परियोजना है। जिनमें कक्षा पांच तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्तमान में संस्कार केन्द्रों सहित ऐसे 621 विद्यालय असम, नागालैंड, मणिपुर और मेघालय राज्यों में चल रहे है। कार्यक्रम के स्वागता अध्यक्ष समाजसेवी रतन शर्मा एवं कार्यक्रम संयोजक संदीप महेश्वरी है।








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