गुवाहाटी। पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष में आयोजित दो दिवसीय पूर्वोत्तर जनजाति संस्कृति महोत्सव का दिसपुर लास्ट गेट स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार एवं प्रशिक्षण केंद्र में आनंदमूर्ति गुरु मां ने भारत माता के चित्र के आगे दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गुरु मां ने अपने संबोधन में बोलते हुए कहा कि अरुणाचल के जिन क्षेत्रों में सड़क व अन्य संसाधन मौजूद नहीं है। वैसी जगह पर एकल विद्यालय खोलना ओर शिक्षा के माध्यम से सबको जोड़ना अपने आप में बहुत ही कठिन कार्य है। मगर लगन व इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी कठिन नहीं है।जिस तरह प्रभु श्री राम ने समुद्र पर सेतु बांध बना दिया था उसी तरह विद्या भारती ने शिक्षा रूपी सेतु से पूर्वोत्तर की जनजातियों को एक सूत्र में बांधकर सबके हृदय को जोड़ दिया है। हमारे सभी मंदिर, देवस्थान, तीर्थ हमें प्रिय है। लेकिन सबसे उत्तम शाश्वत तीर्थ अगर कोई है तो वह हमारे आचार्य है।आचार्य बालकों की शक्तियों को पहचानने का अवसर देते हैं ।भारत का जो भी स्वरूप हम देख रहे हैं वह आचार्यों के शिक्षा दान का स्वरूप ही है। आचार्य ने होते तो चार वेद नहीं होते। आचार्य चाणक्य ने राजनीति शास्त्र हमें दिया। उसी तरह धर्माचार्यो ने गीता ,भागवत, उपनिषद, वेद आदि हमें दिए। इससे पहले समिति के अध्यक्ष बसंत अग्रवाल ने स्वागत भाषण में जनजाति शिक्षा समिति के कार्यों को विस्तार से बताया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले डीमा हसाओ क्षेत्र से रामकुवांंग्बे जेमे, गुवाहाटी के सांस्कृतिक समाजसेवी शंकरलाल गोयंका, लखीमपुर के राजेश मालपानी, उत्तर प्रदेश बरेली के नारायण देव शर्मा, अरुणाचल के कॉमेंन रिंगू, पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति के सचिव सांंचीराम पाएंग, बनारस की स्वाति गर्ग, प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी लॉगकी फांग्को, नागालैंड के बालेनिबा जमीर, डॉक्टर निर्मल कुमार चौधरी, डिब्रूगढ़ के दिनेश मोदी, हाफलांग के पंकज सिन्हा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित अतिथियों ने समिति की एक स्मारिका का विमोचन भी किया। समारोह में मंच पर समिति के अध्यक्ष बसंत अग्रवाल, गुरु मां आनंदमूर्ति, समिति के सचिव डॉ अभिजीत पाएंग, प्रोफेसर जीपी प्रसैैन, कोषाध्यक्ष सुमित काबरा, नेहू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ प्रभा शंकर शुक्ला, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार टाइ टागक, समिति के उपाध्यक्ष आरके पोद्दार, कार्यक्रम संयोजक संदीप माहेश्वरी उपस्थित थे। आगामी कल सोमवार को शंकरदेव कला क्षेत्र में आनंदमूर्ति गुरु मां के प्रवचन के साथ ही द्वितीय दिन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।







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