1 अप्रैल से हॉलमार्क वाले गहनों को लेकर नया नियम लागू हो जाएगा। इस नियम के तहत अब जो भी गोल्ड ज्वैलरी बेची जाएगी वह 6 डिजिट की हॉलमार्क वाली (HUID Hallmark Gold Jewellry) होगी। अबतक गोल्ड ज्वैलरी पर जो हॉलमार्क होता था वह 4 अंकों का होता था। सरकार ने ये फैसला ग्राहकों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। बता दें कि इस बदलाव के बारे में सराफा व्यापारियों को 21 महीने पहले ही सूचना दे दी गई थी।
सरकार के इस नए नियम के मुताबिक अब गहनों पर 6 अंकों HUID नंबर होगा। एचयूआईडी का मतलब है ‘हॉलमार्क यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर’। इस नंबर के माध्यम से ग्राहक ज्वैलरी के मेकर से लेकर उसकी गुणवत्ता तक की सारी जानकारी को ट्रेस कर सकेंगे।
गहनों की गुणवत्ता से लेकर उसके मेकर की जानकारी के साथ-साथ ग्राहकों को और भी कई फायदे मिलेंगे। पहल तो यह कि बाजार में अबतक बिक रही दो तरह की हॉलमार्क ज्वैलरी बंद हो जाएगी और 6 डिजिट वाली ज्वैलरी मिलना शुरू हो जाएगी। दूसरा ये कि इससे ग्राहकों का सोने की गुणवत्ता पर विश्वास बढ़ेगा। व्यापारियों को भी इस नए नियम से काफी उम्मीदें हैं।
इस निर्णय से पहले सरकार ने व्यापारियों को 21 महीने का समय दिया था। हालांकि, कई व्यापारियों को शुरुआती दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, पुरानी ज्वैलरी के स्टॉक को 6 डिजिट के हॉलमार्क वाली ज्वैलरी बनाने में लंबा वक्त लग सकता है। हालांकि, ज्वेलर्स एसोसिएशन का कहना है कि हो सकता है कि कुछ महीनों तक इस प्रक्रिया को पूरी करने में परेशानी हो लेकिन आगे सब कुछ सही होगा।
छोटे सराफा व्यापारी डरें नहीं
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस नए नियम से छोटे सराफा व्यापारियों को डरने की आवश्यकता नहीं है। इस नियम के लागू होने से सभी ज्वैलर्स को हॉलमार्क HUID वाले गहने बेचने होंगे। ऐसे में ग्राहकों का भरोसा दुकानदारों पर और बढ़ेगा। सीमित दायरे में काम कर रहे छोटे व्यापारियों की भी इससे सेल बढ़ेगी। अभी तक छोटे व्यापारी मुंह से सोने की गुणवत्ता की बात करते थे पर ग्राहकों को पूरा विश्वास होगा कि वो जो सोना खरीद रहे हैं वो एकदम खरा है।








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