निखिल कुमार मुंन्दडा
जीएनआरसी का लक्ष्य "स्वास्थ्य सबके लिए, खुशियां सबके लिए": डॉ. नुमल चंद्र बोरा
होजाई। गुवाहाटी स्थित मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल जीएनआरसी अस्पताल द्वारा होजाई में स्वास्थ्य संबंधित की गई एक अध्ययन में चौंकाने वाले आंकड़े सामने देखने को मिले हैं। जीएनआरसी के अध्ययन के मुताबिक होजाई के 1,73,863 लोग उच्च रक्तचाप से संक्रमित हैं। वहीं 49,725 ह्रदय रोगों से और 68,253 व्यक्ति किडनी संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं, वहीं 63,253 हाई ब्लड शुगर, 7235 लोग मिर्गी की बीमारी से पीड़ित हैं। होजाई में स्ट्रोक और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से 5,012 बुजुर्ग प्रभावित हैं और 35,227 बुजुगों को उच्च रक्तचाप और अन्यहृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने का अनुमान है। 47,947 बुजुर्ग मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं से पीड़ित हैं। 9,235 बुजुगों के गठिया और चलने-फिरने संबंधी विकारों से पीड़ित होने की आशंका थी। 12,576 लोग मधुमेह और 11,127 लोग कैंसर से पीड़ित थे। उक्त अध्ययन के मुताबिक कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं जिनका उपचार या रोकथाम किया जा सकता है के बारे में कम जागरूकता होने के कारण होजाई वासियों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। गौरतलब है की जीएनआरसी के संस्थापक डॉ. नुमल चंद्र बोरा ने रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि खराब स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल की कमी के कारण भारत में लगभग 33 प्रतिशत आबादी विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से ग्रस्त है।
जीएनआरसी अस्पताल के संस्थापक के अनुसार होजाई में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, चोट और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं सहित उच्च रक्तचाप से पीड़ित 1,73,863 लोग हैं। डॉ. नुमल चंद्र बोरा आगे बताते हैं कि उक्त समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने हेतु जीएनआरसी अस्पताल ने कई अहम कदम उठाए हैं। हमारा लक्ष्य है "स्वास्थ्य सबके लिए, खुशियां सबके लिए"। इस दौरान डॉ बोरा ने जीएनआरसी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक किफायती स्वास्थ्य अभियान शुरू करने के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और मानकों और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में व्यापक जागरूकता के महत्व को समझाया। जीएनआरसी ने अपनी स्थापना के बाद से होजाई में 37,106 रोगियों की सेवा की है। उन्होंने कहा कि जीएनआरसी ने अटल अमृत अभियान और आयुष्मान भारत- पीएमजेएवाई के तहत होजाई में 700 से अधिक रोगियों को सेवा प्रदान की है और 1280 लोगों ने मुफ्त आपातकालीन सेवाएं प्राप्त की हैं और 786 लोगों को मुफ्त सीटी स्कैन प्राप्त हुआ है। डॉ. बोरा ने कहा कि आने वाले वर्षों में 1,550 स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की जाएगी। आधुनिक दवाओं और उचित जीवन शैली से मिर्गी, स्ट्रोक, किडनी रोग, उच्च रक्तचाप और अधिकांश रोगों को जल्दी रोका जा सकता है या उनका इलाज किया जा सकता है। समाज की अज्ञानता के कारण बहुत से लोग मर जाते हैं या विकलांग हो जाते हैं। इस दौरान डॉ बोरा ने उपस्थित सभी संवाददाताओं से आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा इस विषय पर जागरूकता फैलाएं जिससे जीएनआरसी का लक्ष्य 'स्वास्थ्य सबके लिए, खुशियां सबके लिए' पर और तेजी से काम किया जा सके। वहीं संवाददाता सम्मेलन में जीएनआरसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. माधुर्य बोरा, स्वास्थ्य मित्र परियोजना के प्रमुख अभिजीत भट्टाचार्य, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मृणाल अली हजारिका मौजूद थे।








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