"मृत्यु एक शाश्वत सत्य है" लेकिन समय से पहले कोई अपना चला जाये तो इसका दर्द असहनीय होता है। धनराज रूपाका का निधन हमारे लिए एक बड़ी दुखद खबर है। धनराज आज हमारे बीच नहीं है, पर उनकी यादें हमेशा हमारे दिल में बसती है। हमारे परिवार के सबसे अनुज धनराज के साथ हमारा बचपन से आजतक बिताया हुआ हरपल हमेशा याद आता है। आज से 35 वर्ष पूर्व 09 अगस्त 1988 को हमारे रूपाका परिवार में एक नन्हें बालक का जन्म हुआ। माता पुष्पा देवी एवं पिता सत्यनारायण रूपाका के सबसे छोटे पुत्र धनराज के आगमन से परिवार में खुशियां छा गयी। सात भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे होने के कारण धनराज परिवार में सभी के प्रिय थे। पाँच वर्ष की उम्र में उनकी पढ़ाई शुरू हुई। शिलोंग के होली चाईल्ड स्कूल में दो वर्ष पढ़ने के पश्चात एच एल मिज़ो हाई स्कूल से धनराज ने आगे की पढ़ाई की और मेट्रिक की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उतीर्ण होकर परिवार और शहर का नाम रोशन किया। इसके बाद शिलोंग के विख्यात रेड लाबान महाविद्यालय की विज्ञान शाखा में दाखिला लेकर धनराज ने विज्ञान में स्नातक किया, तथा इसके बाद पश्चिम बंगाल के कलकत्ता से मोबाईल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया। धनराज ने मोबाईल का व्यवसाय प्रारंभ कर दिया और शिलोंग के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी के रूप में उभरे। धनराज मोटरसाइकिल चलाने में माहिर थे, उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय बाईक रेसिंग की कई प्रतियोगिता में भाग लिया और कई पुरस्कार हासिल किए। अपने सरल स्वभाव और मीठी बोली से दूसरों को पलभर में अपना बनाने की क्षमता धनराज के व्यक्तित्व का एक विशेष गुण था। उन्होंने अपने परिवार के प्रति कर्तव्यों का बखूबी निर्वाह किया तथा परिवार को अपार आत्मविश्वास, सकारात्मक और प्रगतिशील दृष्टिकोण के साथ मजबूती से थामते हुए सामाजिक कार्यों में भी सफलता हासिल की। धनराज ने अपने जीवन में आने वाली सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया और हर पड़ाव पर संघर्षों को पार किया। उनका संपूर्ण जीवन हर किसी के लिए किसी प्रेरणास्रोत से कम नहीं है। पिछले कई महीनों से धनराज की तबियत नाजुक चल रही थी। परंतु हमने यह नही सोचा था कि वह इतनी जल्दी हमें छोड़कर चला जायेगा। बुधवार, 5 अप्रैल 2023 का दिन हमारे लिए एक बेहद दुखद दिन बनकर आया। हमारे प्रिय धनराज रूपाका ने अपनी बीमारी से संघर्ष करते हुए अपना देह त्याग दिया और दिव्य ज्योति में विलीन हो गए। धनराज के असामयिक निधन से हमारे जीवन में कभी नही भरने वाला खालीपन आ गया है। आप हमेशा हमारी यादों में जिंदा रहोगे। भगवान आपकी पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे, आपको परम् शांति और मोक्ष प्राप्त हो यही हमारी परम पिता ईश्वर से विनम्र प्रार्थना है।
रूपाका परिवार
(शिलोंग)








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