कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार अडानी के मुद्दे पर सरकार पर हमले कर रहे हैं। इसी बीच शनिवार, 8 अप्रैल को अडानी के साथ पांच पूर्व कांग्रेसी नेताओं का जिक्र कर उन्होंने ट्वीट किया और सवाल पूछा है। राहुल गांधी ने ‘गुलाम, सिंधिया, अनिल, किरण और हिमंत’ का नाम लिखा है। इस पर हिमंत बिस्वा सरमा और अनिल एंटनी ने जवाब दिया है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “यह हमारी शालीनता थी कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा कि आपने बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड घोटालों से अपराध की आय को कहां छुपाया है. आपने ओतावियो क्वात्रोची को कैसे अनुमति दी? क्वात्रोची कई बार भारतीय न्याय के शिकंजे से कैसे बच निकला. किसी भी तरह हम कोर्ट ऑफ लॉ में जरूर मिलेंगे.” इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं! सवाल वही है - अडानी की कंपनियों में ₹20,000 करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं?
बवाल क्यों मचा?
दरअसल राहुल गांधी ने अडानी मामलों को लेकर अपने ट्विटर पर एक ग्राफिक्स शेयर किया. इस ग्राफिक्स में उन्होंने गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, एन किरण कुमार रेड्डी, हिमंत बिस्वा सरमा और अनिल एंटनी के नामों को शामिल किया और इन सभी नामों को मिलाकर उन्होंने अडानी लिखा था. इसको लेकर हिमंत बिस्वा सरमा हमलावर हो गए हैं.
अडानी मामले को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हैं और सरकार पर अडानी को बचाने का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस का दावा है कि अडानी की शेल कंपनियों में बीस हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, लेकिन सरकार यह बताने से कतरा रही है कि यह बीस हजार करोड़ रुपये किसके हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि गौतम अडानी के चीनी नागरिकों के साथ बिजनेस रिलेशन हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता है.








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