राजस्थान से सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। रविवार के दिन पूर्व उप सीएम पायलट ने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ किया सबसे बड़ा हमला। 45 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के खिलाफ अनशन पर बैठने की कर रहे तैयारी। 11 अप्रैल से शहीद स्मारक में करेंगे भूख हड़ताल।
राजस्थान में इस साल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले है। इसी दौरान कांग्रेस पार्टी के सचिन पायलट एक बार फिर से मुखर हो गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ उन्होंने फिर से मोर्चा खोल दिया है। अब की बार जो मोर्चा खोला है वह एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। उन्होंने आज जयपुर में मीडिया को कहा कि वह अपनी ही सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल से जयपुर की शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठेंगे। सचिन पायलट ने कहा कि 45,000 करोड़ रुपए के घोटाले हुए हैं वसुंधरा राजे सरकार में।
हम ने इसका विरोध किया, लेकिन यह कागजी साबित हुआ। अब समय आ गया है इस घोटाले का जवाब लेने का। उन्होंने कहा कि विपक्ष वाले हम पर मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। यह सारे घोटाले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समय के बताए जा रहे हैं।
सचिन पायलट ने अपने घर पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि 28 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेरे कहने पर विपक्ष को पत्र लिखकर इसका जवाब मांगा था। उसके बाद वह जवाब नहीं आया कुछ दिन बाद दूसरा पत्र लिखा गया उसका जवाब भी नहीं आया। अब समय है उचित और ठोस कार्रवाई करने का। समय आ गया है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
उल्लेखनीय है कि अब चुनाव में 6 से 7 महीने का ही समय बचा है। इस समय में सचिन पायलट सबसे बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। पिछले 3 4 साल से लगातार सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच में तनातनी का माहौल रहा है। यहां तक कि राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुरजीत सिंह रंधावा भी इस मनमुटाव को खत्म नहीं कर सके हैं। पायलट खेमे के मंत्री और विधायक कई बार अशोक गहलोत सरकार पर आरोप लगा चुके हैं। अशोक गहलोत भी अक्सर सचिन पायलट और उन से ताल्लुक रखने वाले नेताओं मंत्रियों के खिलाफ बयान बाजी करते रहे हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुद्दा तो भारतीय जनता पार्टी का है लेकिन इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के दो दिग्गज नेता आमने-सामने हैं जीत। किसकी होगी इसी पर सब की नजर टिकी हुई है।








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