गुवाहाटी। हरि कृपा गीता ग्रुप (ईस्कान) के सौजन्य से छत्रीबाडी स्थित माहेश्वरी भवन में सनातन नव वर्ष के उपलक्ष में हरीनाम पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में सर्व जिवेश्वरी माताजी एवं नीता शर्मा, मयूरी ओझा तथा सुमति विशाखा देवी दासी ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर सुमति विशाखा दासी ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि सनातन नव वर्ष प्राचीन काल से चली आ रही एक धार्मिक व सामाजिक परंपरा है। जनवरी वाला नववर्ष पाश्चात्य संस्कृति की देन है। नव वर्ष चैत्र महीने में प्रारंभ होता है। चैत्र महीना सब महीनों का प्रमुख महीना है। सुमति विशाखा दासी ने आगे कहा कि वाणी में ऐसी शक्ति है, जो किसी को एक क्षण में बर्बाद कर देती है और किसी को एक क्षण में आबाद कर देती है। हरे कृष्ण की वाणी से हम इस शरीर को दिव्य बना सकते हैं। इस अवसर पर हरीकृपा गीता ग्रुप की सदस्योंओ ने इंटरनेट --मिशन सर्वनाश नामक एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत करके यह समझाने की कोशिश की कि इंटरनेट में विद्यमान फेसबुक ,व्हाट्सएप आदि मनुष्य के जीवन में एक ओर जहां सारी सुविधाएं प्रदान करता है। वहीं दूसरी ओर यह हमारी भावी पीढ़ी को बर्बाद भी करता है। सुविधा का उपयोग अच्छे कार्य के लिए ही करना चाहिए। इस कार्यक्रम में भगवान कृष्ण की भक्ति का उदाहरण देते हुए भी एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें सभी दर्शकों को भक्ति से भावविभोर कर दिया। ग्रुप की सदस्य माता ने कृष्ण नृत्य भी प्रस्तुत कर हरे कृष्णा की ध्वनि से सभागार को गुंजायमान कर दिया।कार्यक्रम में महिला मंगल,चेतना लेडीज क्लब, फिक्की लेडीज क्लब, कल्याण आश्रम महिला समिति, वन बंधु परिषद महिला समिति, मारवाड़ी युवा मंच की कामाख्या शाखा व प्रगति शाखा ,लायंस क्लब ऑफ गुवाहाटी उमंग ,जेसीआई गुवाहाटी के प्रतिनिधि महिलाएं भी उपस्थित थी। जिन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को भगवत गीता की एक-एक प्रति एवं अन्य धार्मिक साहित्य की प्रतियां उपहार स्वरूप भेंट की गई। अंत में ईस्कान के एक भक्त मंडल ने हरे कृष्ण धुन गाकर सभी को भक्ति के रस में डुबो कर नृत्य करने को मजबूर कर दिया।







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