कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के बाद आज कांग्रेस ने भी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। एक तरफ जहां भाजपा ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में यूनिफॉर्म सिविल कोड और बीपीएल परिवारों को फ्री गैस सिलेंडर देने की बात कही है तो कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को अपनी चुनावी घोषणापत्र में भी कई लोकलुभावन वादों किए। कांग्रेस ने सरकार में आने पर बजरंग दल को बैन करने की भी बात कही है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणापत्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एनआरसी लागू करने का वादा करने सराहनीय कार्य का वादा किया है।
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कर्नाटक में चुनावी घोषणापत्र में भाजपा ने एनआरसी को शामिल करने सराहनीय कार्य किया है लेकिन, उन्होंने कहा कि एनआरसी केवल एक विशेष राज्य तक ही सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि देश भर में लागू किया जाना चाहिए।
सरमा ने बयान में कहा, "राष्ट्रव्यापी एनआरसी समय की जरूरत है। आज तक, हमारे पास नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर नहीं है। आधार नागरिकता का संकेत नहीं है। हम नहीं जानते कि देश के संसाधन एक नागरिक के पास जा रहे हैं या एक गैर-नागरिक के पास।
गौरतलब है कि आगामी 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की नजरें लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने पर है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा राज्य में पिछले 38 साल से चल रहे रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देगी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पिछले 38 सालों से कोई भी दल लगातार जीत नहीं पाया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस की नजरें कर्नाटक के राजनैतिक इतिहास को दोहराने की है। कांग्रेस इस कोशिश में है कि वह हिमाचल प्रदेश हुए हालिया चुनाव की तरह जीत हासिल करे ।
अवैध प्रवासियों पर नजरें
सत्तारूढ़ भाजपा ने "राज्य में सभी अवैध अप्रवासियों का शीघ्र निर्वासन सुनिश्चित करने के लिए" एनआरसी लागू करने का वा किया है। भगवा पार्टी के अन्य वादों में समान नागरिक ऐप पर पढ़ें (यूसीसी) के कार्यान्वयन के साथ-साथ गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर, 5 किलो चावल और नंदिनी दूध जैसे मुफ्त उपहार भी शामिल हैं।








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