गुवाहाटी। असम राज्य के राजकीय अतिथि राष्ट्रीय संत आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष पर एक सर्वधर्म सभा का आयोजन भगवान महावीर धर्मस्थल में किया गया। श्री पुष्प प्रमुख वर्षा योग समिति, गुवाहाटी के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस सर्व धर्म सभा में मुस्लिम धर्म से फखरुल इस्लाम, ईसाई धर्म से मक्खन लाल दास ,सिख धर्म से रणजीत सिंह , प्रजापिता ब्रह्मकुमारी से ब्रह्मकुमारी शारदा, ब्राह्म धर्म से अमरेंद्र ब्रह्म, वैष्णव धर्म से लक्ष्मीन्द्र सिन्हा, बौद्ध धर्म से सांगा पेरिया भाग सर्व धर्म सभा में राष्ट्रधर्म और ने अपने संबोधन में अहिंसा के बारे में प्रमुखता से कहा। आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज ने अपने उ संबोधन में कहा कि आज सभी धर्मगुरु एक साथ बैठे हैं।यह हमारा अखंड भारत है और इसी भारत की हमारी कल्पना है। भारत में सभी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च मे आपसी प्रेम हो। हम अपने पूजा स्थलों से बाहर निकलकर मानवता के धर्म को स्वीकार करें। हमें सबसे पहले हिंदुस्तान से प्रेम करना है, फिर इंसान और फिर भगवान से प्रेम करना है। इस अवसर पर देश भक्ति गीत व बच्चों की वेशभूषा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष श्री महावीर जैन व मंत्री वीरेंद्र सरावगी ने सभी धर्म गुरुओं का आदर सत्कार किया इस आशय की जानकारी देते हुए प्रचार प्रसार समिति के मुख्य संयोजक ओमप्रकाश सेठी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजक अशोक छाबड़ा, सहसंयोजक किशोर जैन व सदस्य रामचंद्र सेठी तथा मंच सजावट की जिम्मेदारी विकास विनायक्या व सांस्कृतिक कार्यक्रम का भार आचंल पाण्ड्या ने बखूबी निभाया।श्री सेठी ने आगे बताया कि इससे पहले आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज एवं उपस्थित सभी धर्म गुरुओं ने तिरंगा झंडा फहराकर राष्ट्रीय गान गाया एवं हवा में शांति का प्रतीक बैलून को उड़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर के चित्र के आगे सभी धर्म गुरुओं एवं जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित करके किया।







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