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मैं भारत हूं फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष व राज्यपाल से मिला



गुवाहाटी। भारतीय संस्कृति की ओर अग्रसर मैं भारत हूं फाउंडेशन का एक प्रतिनिधिमंडल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार जैन (मुंबई) के नेतृत्व में विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी से असम विधानसभा भवन में मुलाकात की। इस अवसर पर फाउंडेशन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निशा लड्ढा (कोलकाता), स्थानीय प्रतिनिधि में मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा उपस्थित थे। इस अवसर पर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार जैन ने विधानसभा अध्यक्ष को स्मारक पत्र एवं फाउंडेशन की साहित्य पुस्तिका प्रदान करते हुए उन्हें अवगत कराया की आज से 3 साल पहले मुंबई में मै भारत हूं फाउंडेशन का गठन हुआ था। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को केवल भारत ही बोला जाए इंडिया नहीं है। अभियान का प्रचार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में करने का शुभारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष श्री दैमारी से अनुरोध है कि इस अभियान में वे अपना मार्गदर्शन प्रतिनिधि मंडल को दे। विधानसभा अध्यक्ष श्री दैमारी ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि इस अभियान की पूरे भारत के साथ असम में भी शुरुआत हो चुकी है। अब तो इसका प्रचार ही काम आएगा। विधानसभा अध्यक्ष निष्पक्ष रहता है। अतः इसमें हमें कई परंपरा का निर्वाह करना पड़ता है। जिसके चलते हम विधानसभा में इसकी चर्चा नहीं कर सकते। अगर कोई विधायक विधानसभा सत्र में इस विषय पर प्रस्ताव दे तो उस पर चर्चा कराई जा सकती है। इसके लिये विधायक व सांसदों के बीच में इस मुद्दे पर चर्चा हो तो अति उत्तम होगा। इस मुद्दे को राजनीति से दूर रखकर अभियान चलाना होगा। विभिन्न सामाजिक संगठन , विधायक , सांसद को लेकर अभियान को गति प्रदान की जाए। अभियान में सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति को ही जोड़ा जाए। नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति अभियान को असफल कर सकता है। इस अभियान में किसी राजनीतिक पार्टी को शामिल न करके पत्रकार, साहित्यकार, लेखक, कवि , समाज के वरिष्ठ लोगों को शामिल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने आगे बोलते हुए कहा कि असमिया लोगों की मानसिकता अब बदल चुकी है। पहले असमिया भारत से नाता नहीं रखना चाहते थे। पर आज असमिया समाज भारत में पूर्ण रूप से निष्ठा रखता है। वह अपने आप को राष्ट्रवादी समझ रहे हैं ।असम का रिश्ता महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। असम के विभिन्न स्थानों में महाभारत के चरित्र जुड़े हुए हैं। जैसे नरकासुर, भगदत, घटोत्कच, सुभद्रा, उषा, मौरवी, बाणासुर , बर्बरीक आदि। राजस्थान में खाटू श्याम बाबा के नाम से पूजे जाने वाले बर्बरीक असम के ही पौत्र हैं। असम और भारतीय संस्कृति का प्राचीन संबंध है। प्रतिनिधि मंडल में पत्रकार संपत मिश्र, तेरापंथ महिला मंडल की रंजू बरडिया, ममता दुग्गड, माहेश्वरी महिला समिति की सचिव पुष्पा सोनी, दाधीच महिला समिति की अध्यक्ष मंजू दाहीमा, अग्रवाल महिला समिति की अध्यक्ष मीना पौदार, ग्वालपाड़ा से मोतीलाल जैन, राष्ट्रीय सामाजिक विकास की अध्यक्ष सारिका अग्रवाल, सविता अग्रवाल, सुनीता सराफ के अलावा संतोष बैद उपस्थित थे। इसके पश्चात एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने राज भवन में जाकर असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भेंट की। उन्हें मैं भारत हूं फाउंडेशन के सौजन्य से भारत को केवल भारत ही बोला जाए इंडिया नहीं इस संदर्भ में एक स्मारक पत्र प्रदान किया गया। राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि इस अभियान में यथासंभव उनका सहयोग रहेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करने होंगे। उन कार्यक्रमों में हम अपनी उपस्थिति जरूर देंगे।

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