नई दिल्ली. नई दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच द्वारा सृजन एवं साहित्य के संवर्धन हेतु विशिष्ट योगदान के लिए वर्ष -2023 के शीर्षस्थ सम्मान मंच के दसवें अखिल भारतीय साहित्योत्सव एवं सम्मान समारोह में लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार एवम पत्रकार अनूप श्रीवास्तव को भारतेंदु हरिश्चंद्र शीर्षस्थ सम्मान के साथ पुरस्कार राशि -11000/-रुपये भी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में दिल्ली , हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार , महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़, नोएडा, बस्ती, अलीगढ़ से सैकड़ों साहित्यकार उपस्थित हुए । कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के जाने व्यंग्यकार प्रेम जनमेजय ने की । योगेन्द्र नारायण पूर्व रक्षा सचिव मुख्य अतिथि, ख्यात कथाकार बलराम , ख्यात गीतकार मीरा शलभ और इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल के अध्यक्ष डॉ चंद्रमणि ब्रह्मदत्त विशिष्ठ अतिथि के रूप में मंचस्थ हुए । इस अवसर पर युवा उत्कर्ष साहित्य मंच के अध्यक्ष रामकिशोर उपाध्याय ने बताया कि अनूप श्रीवास्तव के अतिरिक्त आठ अन्य साहित्यकार भी पुरस्कृत हुए । महादेवी वर्मा शीर्षस्थ महिला लेखन सम्मान –दिल्ली की शारदा मदरा को पुरस्कार राशि – 7100/-रुपये के साथ , अमीर ख़ुसरो युवा सम्मान राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी मुंबई ,महाराष्ट्र को पुरस्कार राशि – 5100/- रुपये के साथ , सुभद्रा कुमारी चौहान बाल साहित्य सम्मान चेन्नई , तमिलनाडु की
डा. जमुना कृष्ण राज को पुरस्कार राशि - 5100/-सहित गुवाहाटी, असम के किशोर कुमार जैन को श्रीमती कमलेश प्रशांत स्मृति गैर हिन्दी साहित्यकार सम्मान तथा 5100/- रुपये की पुरस्कार राशि के साथ, जयपुर की लेखिका डॉ कंचना सक्सेना को राम किशोरी स्मृति आलोचना सम्मान एवं पुरस्कार राशि - 5100/- रुपये, दिल्ली की डॉ रश्मि कौशल को डॉ. देवेंद्र शर्मा स्मृति सम्मान एवं पुरस्कार राशि - 5100/- रुपये, रोहतास,बिहार के कृपा शंकर मिश्र को मुंशी प्रेमचंद कथा साहित्य सम्मान एवं राशि 5100/- रुपये तथा दिल्ली की अंशु गुप्ता को डी.पी. चतुर्वेदी स्मृति लाइफ टाईम अचीवमेण्ट सम्मान एवं पुरस्कार राशि - 5100/- के अतिरिक्त मंच की ओर से सम्मान पत्र ,शाल और प्रतीक चिन्ह भी प्रदान किये गये |इस अवसर पर रामकिशोर उपाध्याय की कृति ब्रेड एवं बुक , ओमप्रकाश शुक्ल की मेरे गीत गोमती का जल , मिलन की तीन पुस्तक मनस्विनी, आशु शर्मा की यादों के झरोखे से , अश्वनी कुमार की तिनका तिनका जोड़ो तुम ,मंजु वशिष्ठ की मंजुल पद्मालिका आदि दस पुस्तकों का लोकार्पण हुआ ।
पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में इस शतकाधिक लोगों ने काव्यपाठ किया । इस अवसर पर गुवाहाटी ,असम से पधारे साहित्यकार किशोर कुमार जैन ने कहा कि असम से हिन्दी भाषी होकर असमिया साहित्य में अवदान देने हेतु सम्मानित हुआ । आज यहाँ दिल्ली से असमिया भाषी होकर हिन्दी भाषी साहित्यकार के रूप में सम्मानित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ । असम साहित्य सभा के अधिवेशन में शताधिक पुस्तकों के विमोचन होते हैं । एक अदना सा साहित्यकार देश के इतने बड़े मंच पर पुरस्कार प्राप्त कर आभारी हूँ। सभी को असम में आमंत्रित करता हूँ । इस अवसर पर तमिलनाडु , राजस्थान ,महाराष्ट्र ,बिहार , उप्र ,दिल्ली , हरियाणा के सम्मानित साहित्यकारों ने अपने उद्गार व्यक्त किए । ज्ञात हो यह संस्था गत नौ वर्षों से हिंदी साहित्य सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु देश भर से चयनित साहित्यकारों को सम्मानित करती चली आ रही है |








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