व्रत व्रतधारीयो ने दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
गुवाहाटी. महिमामय सूर्यषष्ठी व्रत के उपलक्ष्य में गुवाहाटी महानगर एवं आसपास के क्षेत्र के व्रतधारीयो ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए माछखुवा लाचित घाट, फैंसीबजार घाट, और शुक्लेश्वर घाट की तरफ उमड पडे। कठोर व्रत करने वाले व्रत धारी अपने घर से घाट तक दंडवत प्रणाम करते हुए घाट तक पहुंचे। सूर्य के अस्त होते ही सभी व्रत धारीयो ने वेद मंत्रों के साथ सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रत धारी की सुविधार्थ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अलग-अलग घाटों पर सारी व्यवस्था संभाल रखी थी। व्रत धारी के स्नान के लिए घाट पर अलग-अलग टेंट की व्यवस्था एवं अर्घ्य देने के लिए ब्रह्मपुत्र के तट पर एक स्थान को निश्चित कर उन्हें बेरीकेड से घेरकर सजाया गया। इस वर्ष प्रत्येक घाट पर कई आकर्षक तोरण द्वारा बने हुए थे। कहीं पर चंद्रयान तोरण था तो कहीं पर विशालकाय गणेश की मूर्ति के साथ तोरण द्वारा बना हुआ था तो कहीं पर भीमकाय बैलों के जोड़े के साथ तोरण द्वारा बना हुआ था। ब्रह्मपुत्र के बीच में छठ मैया की मूर्ति भी स्थापित की गई थी। जहां श्रद्धालु घुटनो भर पानी के अंदर जाकर छठ मैया को प्रणाम कर आशीर्वाद ले रहे थे। फैंसी बाजार और शुक्लेश्वर घाट में पूर्वोत्तर हिंदुस्तानी युवक समाज ने अध्यक्ष बृज किशोर सिंह, कार्याध्यक्ष सुबोध सिंह के नेतृत्व में स्वयंसेवको ने व्यवस्था संभाल रखी थी। इस शिवीर में पूर्वोत्तर हिंदुस्तानी युवक समाज के महासचिव अनिल चौधरी, उप सचिव राजेश शर्मा, संयोजक बिरजू सिंह ,उप संयोजक जयराम सिंह, संतोष सिंह, ललित चौधरी, यु एस शाह ने काफी सक्रिय सहयोग दिया। इस शिविर में भोजपुरी गायक छोटू छलिया एवं सविता चौहान ने रात को भजनों की अमृत वर्षा की। लाचित घाट पर युवा भारतीय संघ के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार पासवान, उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, विनय तिवारी महासचिव सूरज तिवारी के नेतृत्व में स्वयं सेवकों ने व्यवस्था संभाल रखी थी। पूर्वोत्तर हिंदुस्तान सम्मेलन केंद्रीय समिति के प्रभारी अध्यक्ष देवेंद्र राय, कार्याध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता, महामंत्री एसपी राय ने सभी व्रत धारी को शुभकामनाएं प्रेषित की। इस वर्ष लोगों में छठ पूजा का उत्साह इतना अधिक देखा गया कि हर घाट पर ढोल और बजे बज रहे थे। युवतियां कदम कदम पर सेल्फी लेने में व्यस्त थी। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन ने भी व्यवस्था संभालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। एमजी रोड में एक तरफा वहां को आने जाने दिया जा रहा था और व्रत धारी के समूह को सड़क पार करने में अथवा व्रत धारी के वाहनों को आगे बढ़ाने में पुलिस प्रशासन मदद करता हुआ दिखाई दे रहा था। असम के पूर्व डीजीपी उमेश कुमार, आईपीएस आनंद मिश्रा की धर्मपत्नी जैसे वरिष्ठ लोगों ने भी अर्घ्यदान के समय घाटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।








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