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कथावाचक भूपेन्द्र भाई पंड्या का गुवाहाटी गौशाला में भव्य स्वागत

 


गुवाहाटी। श्री हरि सत्संग समिति गुवाहाटी के सौजन्य से गुवाहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन में आयोजित पांच दिवसीय हनुमत कथा में व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक भूपेन्द्र भाई पंड्या का गुवाहाटी गौशाला में पधारने पर भक्तों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। भूपेन्द्र भाई पंड्या ने सर्वप्रथम गौ पूजा करके गौशाला स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमत पूजा अर्चना की। इस समय उनके साथ माजुली में स्थित कमलाबाड़ी सत्र के सत्राधिकारी जनार्दनदेव गोस्वामी भी उपस्थित थे।इस अवसर पर गुवाहाटी गौशाला के पदाधिकारी एवं श्रीहरि सत्संग समिति के पदाधिकारीयो ने श्रद्धा पूर्वक भूपेन्द्र भाई पंड्या का स्वागत करते हुए पंडाल के द्वार पर द्वारा पूजन करके उन्हें नारियल सहित मंगल कलश भेंट किया गया। पंडाल में उपस्थित भक्तों ने भूपेन्द्र भाई पंड्या को प्रणाम किया।


श्रीगौहाटी गौशाला में आज श्रीहनुमत कथा का शुभारम्भ श्रीगणेश वन्दना एवं हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। इस दौरान अरूण कुमार बजाज ने विशिष्ठ महानुभाव का परिचय देते हुए श्रीहनुमत कथा मे उत्तर कमलाबाड़ी सत्र के सत्राधिकार प्रभु जनार्दनदेव गोस्वामी एवं दिल्ली से पधारे डॉ. सूर्य प्रकाश शर्मा के अभिनन्दन के उपरान्त यजमान आनन्द पोद्दार, विजय अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, बिनोद जसरासरिया, प्रदीप अग्रवाल एवं संजय सांगानेरिया द्वारा पौथी की पूजा अर्चना की गयी। पौथी उठाने का सौभाग्य सुभाष अग्रवाल जी को मिला और व्यासपीठ पर सुशोभित करने हेतु सुभाषजी पौथी को अपने हाथों में लेकर स्वामी पुज्य भूपेन्द्र भाई पंड्या एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ व्यासपीठ तक पहुंचे। इस दौरान पुज्य भूपेन्द्र भाई पंड्या ने संरक्षक कैलाश लोहियाजी को माला पहनाकर सम्मानित किया,श्री लोहिया ने अपने संबोधन में स्वामीजी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली है, कथा श्रवण के लिए पहुंचे हैं, भगवत महिमा स्मरण ही मानव कल्याण का मार्ग है। ईश्वर ने मुझे यह अवसर दिया है, सेवा के कार्यों में अर्थ का उपयोग हो, वही प्रयास रहता है।


अन्तर्राष्ट्रीय संत पुज्य श्री भूपेन्द्र भाई पंड्या ने हनुमानजी की विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन करते हुए बताया कि हनुमानजी ज्ञान्, कर्म और भक्ति की प्रतिमूर्ति हैं, उनके तीनों स्वरूप को हनुमान चालीसा के दोहों की व्याख्या करते वक्त विस्तार से जानेंगे।


भूपेन्द्र भाई पंड्या ने प्रवचन आरंभ करते हुए हनुमान चालीसा के संदर्भ में बताया कि हनुमान चालीसा में 418 शब्द, 1041 अक्षर, भगवान श्रीराम के नाम का 10 बार उल्लेख एवं हनुमानजी के नाम का 4 बार उल्लेख है। उन्होंने गूढ़ रहस्य की जानकारी दी कि संत तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा उस वक्त लिखी जब अकबर ने उन्हें कैद करके फतेहपुर सिकरी जेल में डाल दिया था। जेल में रहते हुए संत तुलसीदास ने हर दिन एक चौपाई की रचना की और चालीस दिनों में हनुमान चालीसा पूरी की।


पुज्य श्री भूपेन्द्र भाई पंड्या ने बताया कि मानव पूरा जीवन अपनी भौतिक सुख सुविधा के लिए अपना जीवन संसाधन जुटाने में लगा देता है, जबकि शान्ति का मार्ग केवल आध्यात्म है।भूपेन्द्र भाई पंड्या के कर कमलो से इस दौरान श्रीहरि सत्संग समिति की नई गाड़ी बोलेरो का लोकापर्ण अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया।अंत मे राम अवतार भरतिया, सागरमल बुढाकिया, अजीतजी जाना, प्रदीप भुवालका, अशोक धानुका, अरूण शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने आरती मे हिस्सा लिया।


श्रीहनुमत कथा को व्यवस्था को सुगम बनाने में कथा परिसर में जहां चिकित्सा सेवा मारवाड़ी हॉस्पीटल द्वारा प्रदान की जा रही है, वहीं चाय जलपान की निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है ।इस सेवा मे नवलकिशोर सारड़ा, मदन गोपाल सिंगची, मधुसूदन चर्चा, रतनलाल चितलांगिया, श्रीभगवान लाहोटी, महेश धूत, प्रभात चाण्डक राजकुमार सोमानी, बल्लभ लाहोटी, बनवारीलाल बिडला, प्रहलाद सोमानी, कुशल काबरा, संजीव तापडिया तथा राकेश सारड़ा द्वारा जो कि लगातार पाच दिनों जारी रहेगी। पादुका रख-रखाव की सेवा मारवाड़ी युवा मंच की ग्रेटर शाखा के अध्यक्ष राम भट्टड एवं उनकी टीम के सदस्यों द्वारा प्रदान की जा रही है।

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