गुवाहाटी। चंद्रपुर साहित्य सभा के सौजन्य से पराग ज्योति प्रकाशन के संयुक्त तत्वाधान में चंद्रपुर में विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार ज्योतिष बर्मन ने अपने संबोधन में कहा कि कविता की एक निश्चित परिभाषा देना बहुत मुश्किल है। कविता हृदय, भावनाओं और जीवंत भावनाओं की अभिव्यक्ति और सार है। कविता एक कला है जिसका स्वाद हम ले सकते हैं।" ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपना आत्मविश्वास सुधार सकते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपना आत्मविश्वास सुधारें और आपका आत्मविश्वास बेहतर हो जाएगा। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपना आत्मविश्वास सुधार सकते हैं और अपना आत्मविश्वास बढ़ेगा उपाध्यक्ष ज्योतिष बर्मन ने कहा।सम्मेलन का संचालन प्रख्यात कवि एवं अनुवादक किशोर कुमार जैन व परागज्योति प्रकाशन के सचिव, पत्रकार एवं कवि दीपक शर्मा ने किया। सम्मेलन का उद्घाटन चंद्रपुर साहित्य सभा के अध्यक्ष भुवनेश्वर राजबंशी ने किया। पद्मश्री प्राप्तकर्ता डॉ. रोमन शर्मा ने कहा, "कविता चेतना जगा सकती है। कवियों और कविता का सामाजिक सुधार में बहुत बड़ा योगदान है।" इस कार्यक्रम में असम साहित्य सभा के पूर्व सहायक सचिव 'साहित्य कुंवर' कमल कलिता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनका कहना है कि कविता समाज से नफरत और बुरी ताकतों को दूर कर सकती है. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख कवि, गीतकार और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी सचिन दास शामिल हुए। इस कार्यक्रम में अखिल बिष्णुप्रिया मणिपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष और साहित्यिक पेंशनर दिल्स लक्ष्मींद्र सिंह ने भाग लिया। जिन्होंने बिष्णुप्रिया मणिपुरी भाषा में "मनुहे मनु के लिए" गीत प्रस्तुत किया। सम्मेलन में प्रशांत गोगोई, रत्नेश्वर बसुमतारी, कनक चंद्र डेका, युवराज कुमार दास, बिष्णुराम बोरो, कबिता देवी, लिनुमा एच ने भाग लिया। हज़ारिका, मनोरंजन ओजा, नारायण टेरोन, रुनु दास, जिनुमनी बरुवा, भावेश चंद्र दत्ता, राजू कुमार बरुवा, सागरिका बोरो दैमारी, धीरेन चंद्र बासुमतारी, दीपशिखा दास और नारायण टेरोन सहित कई अलग-अलग प्रकार के कवि और कविताएँ हैं। इस कार्यक्रम में अनुभवी कलाकार थानेश्वर कलिता, चंद्रपुर कॉलेज असमिया विभाग के प्रोफेसर हिरण्य कुमार डेका, गुवाहाटी महानगर कवि कानन के अध्यक्ष कमलजीत कलिता, प्रमुख कवि हेमंत राजबंशी, सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र दास, बोधिद्रम नेशनल स्कूल के शिक्षक धीरज दास, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी अनंत कलिता उपस्थित थे। जगन्नाथ राजबंशी, रंजू पात्र, रूपाली बरुवा, हेमंत कलिता ने अपने विचार व्यक्त किये।
बैठक के निदेशक किशोर कुमार जैन ने कहा, "यह एक सकारात्मक बात है कि कई कवि सामने आए हैं। कविता जारी रही। कुछ के लिए यह एक अपरिहार्य विषय बन गया है। कविता आज वैश्वीकरण के प्रभाव से मुक्त नहीं हो रही है।" देश में कई तरह की नौकरियां उपलब्ध हैं। देश में कई तरह की नौकरियां उपलब्ध हैं।








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