गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है।इस दिन ही सिखों के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह के दो साहिबजादे जोरावर सिंह एवं फतेह सिंह को मात्र 9 एवं 6 वर्ष की उम्र में मुगलों ने मुस्लिम धर्म ना अपनाने के कारण दीवार में जिन्दा चिनवा दिया था।उनके इस महान बलिदान को जन जन तक पहुँचाने के लिए वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा हुई।
उन्हीं वीर बालोकों के बलिदान को सम्मानित करते हुए वन बंधु परिषद गुवाहाटी महिला समिति द्वारा नौगांव अंचल के 3 एकल विद्यालय के 11 से 13 वर्ष आयु के बच्चों को बस आरक्षित कर गुवाहाटी आमंत्रित किया और श्रीमंत शंकर देव कला क्षेत्र भ्रमण करवाया और फिर चिड़याघर भ्रमण करवाया।
बच्चो के साथ ही संच प्रमुख,आचार्य एवं कुछ बच्चों के अभिभावक भी पधारे थे। बच्चों ने गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ ही देशभक्ति गीत गाए और नृत्य किये।
अध्यक्ष वंदना बगड़िया ने बताया कि बच्चों को सुबह का नाश्ता कला क्षेत्र में करवाया गया और फिर दिन का भोजन करवाकर उन्हे विदा किया। बच्चो को उपहार दिए गए जिससे बच्चें बहुत ही खुश नजर आ रहे थे और हमसे वादा किया कि वे मन लगा कर पढ़ाई करने के साथ ही अपने माता पिता, समाज, गांव और राष्ट्र निर्माण के लिए अच्छा कार्य अवश्य करेंगे। अध्यक्ष वंदना बगड़िया ने बच्चों को वीर बाल दिवस की महत्ता बताई। कार्यक्रम को सफल बनाने में जोनल अध्यक्ष ललीता जैन, सुशीला गुप्ता,मीरा सराफ,मधु गोएंका, संगीता रासीवासिया, जयति जाना एवं किरण खेतान का सहयोग रहा।








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