भारत में कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 के मामले भी बढ़ रहे हैं।
कितना खतरनाक है JN.1
कई एक्सपर्ट की मानें तो JN.1 बहुत घातक नहीं है। लेकिन यह तेजी से फैलता है। 40 से ज्यादा देशों में यह फैल चुका है। नाक और गले से निकलने वाले फ्लूड में वायरल लोड ज्यादा होता है।
इन्फ्लूएंजा से ज्यादा घातक
हालांकि कई डॉक्टर का यह भी कहना है कि यह इंफ्लूएंजा से ज्यादा खतरनाक है। यह उन लोगों को जल्द पकड़ लेता है जिन्हें सांस से जुड़ी बीमारी है।
इन लोगों को सावधान रहने की जरूरत
JN.1 के बारे में भले ही अभी बहुत कुछ साफ नहीं हुआ है। लेकिन बुजुर्गों और दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को चिंता करनी चाहिए। अगर आपको सांस से जुड़े इन्फेक्शन जल्दी पकड़ लेते हैं।
वैक्सीन कर रहा है काम
आईसीएमआर के स्टडी के मुताबिक वैक्सीन मौत रोकने में कारगर है। जिन लोगों ने दो से ज्यादा टीके लिए हैं उनका जीवन सुरक्षित कोरोना वायरस से रह सकता है।
बूस्टर डोज़ लेना कितना जरूरी
अभी JN.1 वेरिएंट को टार्गेट करने वाला वैक्सीन विकसित नहीं हुई है। डॉक्टर कहते हैं कि सुरक्षित रहने के लिए कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज ले लेना चाहिए।
ऐसे रहें सुरक्षित
बुजुर्ग और बीमार रहने वाले लोगों को भीड़ भाड़ वाले इलाके में नहीं जाना चाहिए। मास्क लगाकर कहीं निकलें। हैंड सैनिटाइजर जरूर करें।








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