गुवाहाटी। असमिया हिंदीभाषी समाज का राज्य के चहुंमुखी विकास में अतुलनीय योगदान है। आर्थिक, सामाजिक, साहित्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक जगत में पिछले दो शताब्दियों से भी अधिक समय से इस समुदाय ने असम में रहकर जो कार्य किया है, उसकी नजीर मिलना मुश्किल है। बावजूद इसके इस समाज को न सिर्फ जातिसूचक शब्दों के साथ अपमानित किया जाता है, बल्कि शारीरिक रूप से प्रताड़ित किये जाने के मामले भी अक्सर सामने आते रहते हैं। इस कड़ी में कार्बी आंग्लांग में आजादी के काफी पहले से रह रहे 1983 परिवारों यानि दस हजार के करीब लोगों को उजाड़ने का षडयंत्र तथा फिलोबाड़ी के अगरवाला उपाधिधारी व्यक्ति को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं बेहद ताजातरीन और दु:खद है। इन घटनाओं के दौरान एक संगठित समाज के रूप में पीड़ित लोगों के साथ खड़े होकर उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य में स्वाभिमानी मंच का गठन किया गया है। मंच में फिलहाल गुवाहाटी में सीए प्रदीप नाहटा, एडवोकेट राकेश सिंह, एडवोकेट योगेश चौधरी, समाजसेवी राजू सहनी, कर सलाहकार संजय सुरेका और पत्रकार चंद्रप्रकाश शर्मा को संगठन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसी कड़ी में समाजसेवी राजेश गुप्ता और समाजसेवी दिलीप शर्मा को शोणितपुर और पत्रकार विक्रमादित्य जैन को दरंग जिले का प्रभार दिया गया है। समिति की ओर से प्रदीप नाहटा ने बताया कि जल्द ही पूरे पूर्वोतर में संगठन का विस्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य में रह रहे हिंदीभाषी समुदाय को हरसंभव मदद के प्रयास संगठन के जरिए किए जायेंगे।







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