गुवाहाटी। हिंदू नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा के उपलक्ष्य में श्री राम सेवा समिति ने विक्रम संवत 2081 के पंचांग का विमोचन छत्रीबाडी स्थित परशुराम सेवा सदन में एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान किया। इस अवसर पर भारत माता और श्री राम के चित्र के आगे राम सेवा समिति के अध्यक्ष राधेश्याम तिवारी, विश्व हिंदू परिषद के उत्तर पूर्वांचल के अध्यक्ष परमेश्वर दत्त,गुवाहाटी गौशाला के ट्रस्टी अशोक धानुका, गुवाहाटी गौशाला के अध्यक्ष जयप्रकाश गोयनका व शिव निवृत्ति प्रशासनिक अधिकारी राकेश अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित करके किया। समिति के अध्यक्ष राधेश्याम तिवारी ने श्री राम सेवा समिति के परिचय को विस्तृत रूप से अपने स्वागत भाषण में समाहित किया। श्री राम सेवा पंचांग के विमोचन के पश्चात अशोक धानुका ने अपने संबोधन मैं कहा कि इस पंचांग में तिथि, वार, पूजा, त्यौहार की जानकारी एक साथ ही मिल जाती है। हम इसके जरिए प्रयास कर सकते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसको पढ़े और समझे। ताकि वह हमारे नव वर्ष से परिचित हो। पहले संयुक्त परिवार का बोलबाला था। अतः संयुक्त परिवार के बड़े बुजुर्ग अपने से छोटो को हमारी परंपरा, रीति, रिवाज, तिथि, वार,त्यौहार आदि के बारे में बताते रहते थे। मगर आज एकल परिवार का जमाना है। जिसमें हर पर्व त्यौहार हमसे दूर होते जा रहे हैं।जो पुस्तक व पंचाग के माध्यम से ही जाना जा सकता है। अतः एकल परिवार के लिए भी यह पंचांग काफी लाभदायक होगा। राकेश अग्रवाल ने कहा कि इस पंचांग में एक श्लोकी रामायण,बारह ज्योतिर्लिंग के बारे में जानकारी, आरती ,अमावस्या, एकादशी आदि के बारे में सरल भाषा में लिखा है। जिसके कारण जो पंचांग देखना भी नहीं जानता वह भी इसको आसानी से पढ़कर समझ सकता है। जयप्रकाश गोयनका ने कहा कि श्री राम सेवा समिति के द्वारा हर रविवार को ब्रह्मपुत्र के तट पर ब्रह्मपुत्र आरती का आयोजन और हर वर्ष पंचांग का प्रकाशन का कार्य काफी सराहनीय है। इससे दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है। विश्व हिंदू परिषद के पूर्वांचल अध्यक्ष परमेश्वर दत्त ने भी पंचांग विमोचन के कार्य का सराहना की। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम सेवा समिति के सचिव मनोज केड़िया ने किया। कार्यक्रम के पश्चात सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
!->
Home
Unlabelled
श्री राम सेवा समिति ने नव वर्ष पंचांग का विमोचन किया
श्री राम सेवा समिति ने नव वर्ष पंचांग का विमोचन किया
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें