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मारवाड़ी हॉस्पिटल ने स्वस्थ जीवन शैली के लिए सेमिनार आयोजित किया



गुवाहाटी। नगर के आठगांव में स्थित मारवाड़ी हॉस्पिटल ने छत्रीबाडी लायंस आई हॉस्पिटल के सभागार में स्वस्थ जीवन के लिए प्राचीन और आधुनिक परिपेक्ष्य में जीवन शैली प्रबंधन विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें नगर के विशिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर बी बी कुकरेजा और आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ शालिनी शर्मा ने स्वस्थ जीवन के लिए खान-पान की शैली और सतर्कता पर व्याख्यान दिया। इससे पहले मारवाड़ी हॉस्पिटल के अध्यक्ष रमेश गोयनका ने स्वागत भाषण देते हुए मारवाड़ी हॉस्पिटल के बारे में विस्तार से बताया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जेपी शर्मा ने भी अपने संबोधन में मारवाड़ी हॉस्पिटल की प्रगति के बारे में बताया। इस अवसर पर मंच पर अस्पताल के उपाध्यक्ष रामवतार भरतीया और कैलाश लोहिया, महामंत्री रामस्वरूप जोशी भी उपस्थित थे। डॉ बी बी कुकरेजा ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेदिक और एलोपैथिक जिसको हम मॉडर्न मेडिसिन भी कहते हैं इस विषय पर आज हम चर्चा करेंगे और हमारी कोशिश यही रहेगी कि हम आपको कैसे स्वस्थ रख सकते हैं। आप तनाव मुक्त होकर जिए यही आज हमारी कोशिश रहेगी। आयुर्वेद के बारे में बोलते हुए डॉक्टर कुकरेजा ने कहा कि आयुर्वेद को प्राचीन पद्धति कहते हैं। यह पद्धति दुनिया में हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज मॉडर्न मेडिसिन का जमाना है। कारण हम बिना वैज्ञानिक प्रमाण के किसी भी बीमारी के इलाज को नहीं मानते। आयुर्वेद प्राचीन पद्धति है फिर भी हम आज तक इसको सम्मान नहीं दे पाए। आज अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी में आयुर्वेद को जो सम्मान प्राप्त है वह अभी तक हम भारत में नहीं दे पाए हैं। इसकी वजह है धन के स्तोत्र की कमी। जबकि एलोपैथी में अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय जगत में काफी धन आवंटित होता है। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आयुर्वेद के लिए काफी अनुसंधान हो रहा है। डॉक्टर कुकरेजा ने पावर पॉइंट के माध्यम से सुखद जीवन शैली के कई उदाहरण देकर समझाया। डॉक्टर शालिनी ने आयुर्वेद शास्त्र के बारे में बताते हुए ऋतुचर्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऋतु के हिसाब से खाने से खाना ज्यादा पचता है और ज्यादा गुण करता है। रात को जल्दी हल्का खाना खाकर सोने से लीवर को अपना काम करने के लिए काफी समय मिल जाता है। देर से सोने वाले को यह समय नहीं मिलने की वजह से लीवर से संबंधित कई बीमारियों की उत्पत्ति हो जाती है। डॉक्टर शालिनी ने योग दर्शन के बारे में भी बताते हुए कहा कि योग से शरीर को जितना सहज रखेंगें शरीर उतना ही साथ देगा। उन्होंने पंचकर्म के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अगर हम प्रकृति के नियमों को नहीं मानकर चलेंगे तो हमारा शरीर रोग का खजाना बनकर रह जाएगा। डॉक्टर शालिनी शर्मा ने खानपान के बारे में विस्तृत रूप से बताया। कार्यक्रम का संचालन मारवाड़ी हॉस्पिटल के सहमंत्री रामस्वरूप खाकोलिया ने किया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मारवाड़ी हॉस्पिटल के चिकित्सको द्वारा सभी के रक्त चाप और मधुमेह की निशुल्क जांच भी की गई।

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