आशीर्वाद दाता:
दादा दादी
लालचंद सारदा अग्रवाल
माता पिता एवं दीदी
प्रीति ( सिंघल ) बिनीत हीया अग्रवाल
नाना नानी मोशी
मदन सुमित्रा स्नेहा सिंघल
जन्म दिन 18.05 2024
बच्चों में पारिवारिक संस्कार के साथ देशभक्ति की भावना भी रोपण करें
बच्चों को सिर्फ बढिया खाना अच्छे कपड़े उच्च शिक्षित बनाने के साथ साथ परंपरागत रिति रिवाज उंचे संस्कार एवं बचपन में ही देश भक्ति का बीजारोपण करें भले ही वो फौजी ना बने लेकिन जज्बा सैनिक जैसा होना चाहिए।
क्या आपको मालूम है कि जब सरहद पर शहीद होने पर ना तो माता पिता ना ही पत्नी एवं संतान रोते हैं उल्टा लोगों को प्रेरित करते हैं कि आप भी अपने कलेजे के टुकड़े को सिपाही बनाएं।
मित्रों इसराइल एक छोटा सा देश है जिसमें चालीस प्रतिशत से अधिक सेना है। लेकिन हर इसराइली शाम को अपना काम करने के बाद स्वैच्छिक रुप से अपने देश की सीमा की रक्षा करने के लिए लाठी एवं हथियार लेकर जाकर आतें है।
पिछले साल जब देश पर हमला हुआ तो भूतपूर्व सेनाधिकारी प्रधानमंत्री विरोधी पक्ष के नेता होते हुए सैनिक की वैशभूषा में जाकर सीमा पर डट गए।
लोगों में भय एवं भ्रम है कि मरने के लिए सेना में अपने बच्चों को कौन भेजेगा उन्हें मालूम नहीं है कि दुश्मन को मारने के लिए भेजा जाता है। मृत्यु पुर्व निर्धारित होती है चाहे सात तालों में, सुरक्षित रखा जाये उसकी मृत्यु होनी होगी तो किसी कारण से हो सकती है।
मदन सुमित्रा सिंघल
पत्रकार एवं साहित्यकार
शिलचर असम
मो 9435073653
















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