गुवाहाटी। केदार रोड स्थित होटल ऋतुराज में ध्यान फाऊंडेशन के सौजन्य से आम बैठक आयोजित की गई। हाजो के पास दादरा में स्थित गौशाला रेस्क्यू सेंटर को चलाने और भविष्य की योजना बनाने के लिए कुल 27 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया। इस रेस्क्यू सेंटर में 900 बैल और गाय हैं, जिन्हें बीएसएफ और पुलिस विभाग ने अवैध तस्करों से जब्त किया है। सभी मवेशियों को उनकी प्राकृतिक मृत्यु तक यहीं रखा जाता है। बैठक में 11 सदस्यों की एक कोर कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया, जो धन संग्रह अभियान के तरीकों पर विचार करेगी और इसे कुशलतापूर्वक चलाने के लिए फाउंडेशन में और सदस्यों को जोड़ेगी।
बैठक की अध्यक्षता ध्यान फाउंडेशन की वालंटियर गायत्री कपूर, सामाजिक कार्यकर्ता अजय पोद्दार और रमेश पसारी और राजेश भूत ने की। सदस्यों ने सदस्यता अभियान शुरू करने और सदस्यों की संख्या बढ़ाने का संकल्प लिया। गायत्री कपूर ने केंद्र को आत्मनिर्भर तरीके से चलाने में आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। वर्तमान में पूरे भारत से स्वयंसेवकों और दानदाताओं द्वारा भारत के सभी केंद्रों को व्यय की पूर्ति के लिए धनराशि भेजी जा रही है।
पशु चिकित्सा दल के डॉक्टरों और छात्रों की मदद से बीमार गायों और बैलों का कृमिनाशक उपचार जल्द ही शुरू किया जाएगा। उपचार के लिए आवश्यक सभी दवाओं की व्यवस्था अजय पोद्दार द्वारा की गई। गौशाला के सुचारू संचालन के लिए कई सदस्यों ने स्वेच्छा से आगे आकर राशि दान की। कमल खेमका, बालकिशन गोयल, रवि सुरेका, सुरेंद्र लाठ ने भी इस नेक कार्य में अपना योगदान दिया। सदस्य अजय पोद्दार ने मवेशियों की बढ़ती आबादी को देखते हुए 5000 वर्ग फीट का नया आश्रय गृह बनाने पर सहमति जताई।
समिति इस नेक कार्य के लिए बड़े कॉर्पोरेट घरानों से सीएसआर के माध्यम से धन जुटाने का प्रयास करेगी। बीमार गायों को अन्य गायों से अलग रखने के लिए नया शेड बनाने का प्रस्ताव रखा गया ताकि उनका उचित उपचार किया जा सके।
बैठक में किशोर साबू, सुरेश पसरामका, बिकास अग्रवाल, गोबिंद गाडोदिया, सुरेश गर्ग, संजय निमोदिया, अमित चौधरी, राजेंद्र गुप्ता, भास्कर सैकिया, सुमित झंवर, शरद अग्रवाल, संजय कालिका, नरेंद्र मित्तल सहित कई सदस्य उपस्थित थे।







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