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निष्ठा बोथरा की ऐतिहासिक सफलता: समाज की बेटियों की उड़ान को मिला नया आयाम

 


गुवाहाटी, 7 जुलाई 2025 — मारवाड़ी समाज की प्रतिभाशाली बेटी कु. निष्ठा बोथरा ने हाल ही में घोषित सीए फाइनल परीक्षा में 503 अंकों (83.83%) के साथ ऑल इंडिया रैंक – 2 हासिल कर केवल गुवाहाटी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत और सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।निष्ठा, स्व. सुभाष बोथरा (श्री कमल इलेक्ट्रिकल्स) की सुपुत्री हैं, और यश बोथरा की बहन हैं। एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने असाधारण परिश्रम, समर्पण और अनुशासन के बल पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता न केवल अकादमिक दृष्टिकोण से प्रेरणादायक है, बल्कि समाज की बेटियों के लिए एक आदर्श और दिशा-सूचक भी बन गई है।

इस अवसर पर निष्ठा की उपलब्धि को सम्मानित करने हेतु मारवाड़ी सम्मेलन, गुवाहाटी शाखा द्वारा 7 जुलाई 2025 (सोमवार) को उनके निवास स्थान पर एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सम्मेलन के प्रतिनिधियों ने उन्हें असमिया गमछा, सम्मान पत्र, एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं कीं।इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी शाखा के अध्यक्ष शंकर बिड़ला ने कहा कि “निष्ठा जैसी होनहार बेटियां आज हमारे समाज की प्रेरणा हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हमारा समाज निरंतर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। निष्ठा की यह सफलता समाज के हर माता-पिता, हर बेटी और हर युवा के लिए एक जीवंत उदाहरण है कि समर्पण और मेहनत से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ… और अब बेटी को आगे बढ़ाओ यह भावना हमें रखनी होगी।निष्ठा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार और समाज द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ जैसे अभियानों का प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुंचा है। अब समाज केवल बेटियों को पढ़ा ही नहीं रहा, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के समस्त अवसर भी दे रहा है और बेटियां हर बार खुद को साबित कर रही हैं।बीते दिनों राईज प्लस के एक विशेष अंक नजरिया में सरुपथार की दो बेटियों की सफलता का उल्लेख किया गया था। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए यह सम्मान समारोह यह दर्शाता है कि समाज अब बेटियों की शिक्षा और उपलब्धियों को विशेष मान्यता और सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है।अब 

नया युग, नई सोच – संतुलन की आवश्यकता है।यह लेख सिर्फ बेटियों की प्रशंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संतुलित सामाजिक सोच की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। जैसे हम बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर दे रहे हैं, वैसे ही बेटों को भी समान रूप से मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और समर्थन देना जरूरी है। समाज की प्रगति तभी पूर्ण हो सकती है जब हम दोनों पक्षों को समान अवसर और सम्मान दें।समाज के लिए एक नई प्रेरणा है निष्ठा जैसी बेटीया।

निष्ठा बोथरा की यह सफलता हमें यह विश्वास दिलाती है कि यदि बच्चों को प्रेरणा, अवसर, और सहयोग मिले, तो वे हर चुनौती को पार कर सकते हैं। ऐसे उदाहरण केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं दर्शाते, बल्कि समाज की मानसिकता में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक भी होते हैं।यह सम्मान समारोह केवल एक होनहार छात्रा का अभिनंदन नहीं था, बल्कि समाज की सामूहिक उपलब्धि और एक नवजागरण का संकेत भी था। आज मुझे निष्ठा के पापा स्वर्गीय सुभाष बोथरा की याद आ रही है सन 2001 में जब मैं मारवाड़ी युवा मैच गुवाहाटी शाखा का अध्यक्ष था उसे समय सुभाष बोथरा मेरी कार्यकारिणी में संयुक्त मंत्री के रूप में मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा था तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष बनते ही सुभाष बोथरा ने मुझे मेरे व्यवसाय को प्रोत्साहन देते हुए तेरापंथ समाज से मेरा परिचय करवाया था जो आज काफी मजबूत स्तर तक पहुंच गया है।निष्ठा बोथरा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज के लिए गर्व का विषय है। यह प्रेरणा देती है कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं – उन्हें अवसर मिलते ही वे ऊंची उड़ान भरने में सक्षम हैं।हम सभी को चाहिए कि हम ऐसी प्रतिभाओं को न केवल पहचानें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित भी करें — ताकि भविष्य में और भी निष्ठाएं समाज का नाम रोशन करती रहें।

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