गुड़गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने शहर की नाइट सेफ्टी, महिलाओं की सुरक्षा और खुले इलाकों में घूमने के खतरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरावली की पहाड़ियों में स्थित मशहूर पिकनिक स्पॉट लेपर्ड ट्रेल पर एक 23 साल की महिला का तड़के करीब 3 बजे अपहरण कर लिया गया। आरोपी ने महिला को जबरन स्कॉर्पियो गाड़ी में घसीटा, शहर में घुमाता रहा और आखिरकार एक सुनसान इलाके में ले जाने की कोशिश की। राहत की बात यह रही कि फोन लोकेशन ट्रैकिंग, पुलिस की तेजी और एक अजीब संयोग-गाड़ी का कीचड़ में फंस जाना-ने महिला की जान बचा ली।
शनिवार देर रात महिला अपने एक दोस्त के साथ लेपर्ड ट्रेल घूमने गई थी। दोनों करीब रात 1:30 बजे वहां पहुंचे और कुछ समय तक इलाके में रुके। इसी दौरान एक खाने का वेंडर, गौरव भाटी (25), वहां पहुंचा और दोनों को परेशान करने लगा। जब महिला और उसके साथी ने विरोध किया, तो बात बहस और गाली-गलौज तक पहुंच गई। इसी दौरान आरोपी ने महिला का मोबाइल फोन छीन लिया और अपनी स्कॉर्पियो की ओर भागा।
फोन वापस लेने के लिए महिला ने आरोपी का पीछा किया, लेकिन तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरन SUV में धकेल दिया, दरवाजा बंद किया और तेज रफ्तार में गाड़ी भगा ले गया। महिला का साथी बीच-बचाव करने आया, लेकिन आरोपी ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और फरार हो गया। यह सब कुछ बस कुछ ही मिनटों में हुआ, लेकिन महिला के लिए वह समय डर और दहशत से भरा एक घंटा बन गया।
महिला के साथी ने तुरंत पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी और गाड़ी का विवरण साझा किया। पुलिस ने महिला के फोन की लोकेशन के जरिए स्कॉर्पियो को ट्रैक करना शुरू किया। आरोपी महिला को साउदर्न पेरिफेरल रोड, सुभाष चौक और सेक्टर 74 जैसे इलाकों से घुमाता रहा, ताकि पुलिस को चकमा दे सके। बाद में वह उसे सुनसान, पहाड़ी और जंगलनुमा इलाके की ओर ले जाने लगा।
जिस स्कॉर्पियो में महिला को अगवा किया गया था, वह गाड़ी आरोपी ने किसी दूसरे वेंडर से उधार ली थी। जब वह कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से गुजर रहा था, तभी गाड़ी का एक टायर कीचड़ में फंस गया। महिला ने मौके का फायदा उठाकर मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। घबराए आरोपी ने गाड़ी वहीं छोड़ दी और जंगल की ओर भाग गया। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन नंबर से पुलिस उसके मालिक तक पहुंची, जिसने बताया कि आरोपी शराब खरीदने के बहाने गाड़ी ले गया था। पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी नशे में था। जब उसे क्राइम सीन दोबारा दिखाने के लिए पहाड़ियों पर ले जाया गया, तो उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इस दौरान वह फिसलकर गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
शुरुआत में आरोपी पर BNS की धारा 137(2) (अपहरण) और 304(2) (छीनना) के तहत केस दर्ज किया गया। बाद में हिरासत से भागने और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराएं भी जोड़ी गईं। यौन उत्पीड़न की धाराएं जोड़ने से पहले पुलिस महिला के मजिस्ट्रेट के बयान का इंतजार कर रही है।








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