गुवाहाटी: विश्व विद्यालय अनुदान आयोग के नए कानून को चुनौती देने के लिए देश भर के सवर्ण लाम बंद हो चुके है। इसी कड़ी में अष्ट लक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन ने भी विरोध की मुहीम छेड़ दी है। मुहिम के शुरू होते ही सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कानून पर स्थगन आदेश दे दिया। जिस पर अष्ट लक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन ने सहमति जताते हुए खुशी प्रकट की है।इस अवसर पर अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन द्वारा परशुराम सेवा सदन में विजय उत्सव का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने नए यूजीसी नियमों पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की है।कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता विश्वंभर शर्मा ने नए यूजीसी नियमो के विभिन्न प्रावधानो पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनसे सवर्ण समाज पर किस प्रकार प्रतिकूल प्रभाव पड सकता है। इस अवसर पर समाजसेवी रमन झा एवं पंडित योगेश पारीक ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्रकार चंद्रप्रकाश शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी समुदाय के विरुद्ध नही है, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंन इस विषय पर एकजुटता दिखाने के लिए समस्त विप्र एवं सवर्ण संगठनो तथा बुद्धिजीवियो के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रांतीय संयोजक संतोष शर्मा ने की। कार्यक्रम के समापन पर दीप प्रज्वलन के साथ विजय नाद किया गया।
कार्यक्रम में विप्र समाज के सभी तबकों के साथ हिंदीभाषी ब्राह्मण समाज की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।








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