पूजा माहेश्वरी
नगांव, नवरात्रा के पावन अवसर पर नगांव की माता के नाम से प्रसिद्ध नगांव के श्री कृष्णाश्रम शिव मंदिर स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर दुर्गा मंदिर में नवरात्रा के कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुए । जय अंबे सत्संग समिति द्वारा नौ दिवसीय भजन कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। उक्त कड़ी में नवरात्र के दौरान मां के तीन भव्य श्रृंगार कराए गए नवरात्र में 19 मार्च से 27 मार्च तक प्रथम दिन से दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक समिति की सदस्याओं द्वारा रोजाना दुर्गा मंदिर प्रांगण में भजनों का कार्यक्रम रखा गया जिसमें कांता भरतिया, यशोदा माहेश्वरी, मीना ढाणीवाल, मंजू सोभासरिया, सुलोचना तोदी, उमा चौधरी, बबीता शर्मा, तुलसी बंका, रचना बंका, लक्ष्मी विदासरिया, मंजू शर्मा, राजु देवी धानुका, किरण जाजोदिया, सरला चांडक, विमला शर्मा, हर्षदा सोलंकी, पूर्णिमा मोर, सरला महर्षि, सहित समिति की सभी सदस्याओं ने बढ़ चढ़कर नौ दिन तक माता रानी के भजनों का गुणगान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महा सप्तमी को 5:15 बजे से महा आरती का विशेष आयोजन किया गया जिसमें एक सौ से भी अधिक महिलाओं ने हाथों में दीप लेकर माता की आरती की। महाअष्टमी के दिन श्रृंगार के पश्चात माता रानी को सवामणि का भोग लगाया गया एवं दोपहर 3:30 बजे से भजनों का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सर्वप्रथम समिति के अध्यक्ष मुकेश पोद्दार एंव अरुण नागरका ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दे कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी इसी कड़ी में स्थानीय भजन गायक संजय पोद्दार, अनिल प्रजापत, पत्रकार अजय महतो, दीपिका वर्मा, स्नेहा शर्मा ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दे कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया इसी दौरान 6 बजे माता को गजरा अर्पण किया गया जिसमें गजरा गीता प्रजापत एवं दीपमाला बोकाड़िया ने बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी। तत्पश्चात समिति की सदस्याओं ने नृत्य के माध्यम से माता को चुनरी अर्पित की। सुपन कुमार उपाध्याय द्वारा गायन कर 7 बजे की संध्या आरती के साथ विशेष भजन संध्या कार्यक्रम का समापन किया गया। समिति के अध्यक्ष मुकेश पोद्दार ने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी सदस्याओं, कलाकारों सहित सभी समाज बंधुओ को धन्यवाद दिया है। उक्त नौ दिवसीय कार्यक्रम की समाज के सभी वर्गों ने भूरी भूरी प्रशंसा की है एवं सभी ने कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर अंश ग्रहण किया है।








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