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बंगाईगांव: भव्य होली मिलन समारोह एंव प्रीति भोज (गोठ) का शानदार आयोजन

 


बंगाईगांव: बंगाईगांव मारवाड़ी समाज के तत्वावधान में होली के पावन अवसर पर वृहत्तर बंगाईगांव होली मिलन समारोह एंव पारंपरिक होली प्रीति भोज (गोठ) का आयोजन तेरापंथ भवन मे बुधवार को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। रंगों के इस महापर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम से जुड़े व्यक्तियों ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया तथा ब्रह्म शर्मा ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और पुराने मनमुटाव मिटाने का पर्व है। गोठ और चंग जैसे पारंपरिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है और इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर पारिवारिक वातावरण में त्योहार की खुशियां साझा करना है। होली प्रीति भोज (गोठ)में समाज के सैकड़ों परिवारों ने सहभागिता की। छोटो ने बड़ों के पाँव छूकर आशीर्वाद लिया तथा हम उम्र के लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर होली की शुभकामनाएँ प्रेषित की। गोठ के कार्यक्रम में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, महिलाओं तथा बच्चों की उपस्थिति सराहनीय रही। सभी ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे अत्यंत सफल बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल त्योहार की खुशियों को दोगुना करते हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग की भावना को भी प्रबल करते हैं। आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होकर अपनी परंपराओं का उत्सव मनाता है, तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बन जाता है। सुबह से ही पूरे शहर में गुलाल की बयार बहती रही। कहीं चंग ढाप की पारंपरिक थाप गूँज रही थी तो कहीं डीजे की धुन पर युवा थिरकते नजर आए। सड़क से लेकर मकानों की छत पर गुलाल उडता रहा और पूरा शहर सतरंगी रंगों में डूब गया। प्रीति भोज के कार्यक्रम को सफलता के शिखर पर पहुंचाने में अखयचंद बैद, पन्नालाल दुगड, ब्रह्म शर्मा, धर्मेन्द्र लूनिया, महेश कुमार अग्रवाल, ज्ञान चन्द ललवानी, रामचंद्र शर्मा, जगमोहन सुरेका, मनोज हरलालका, राजेश अग्रवाल, कमल शर्मा, पीयूष सुराना, मनीष लखोटिया, संतोष अग्रवाल, रामावतार पारीक, रूपेश सक्सेना के अलावा भोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए समाज के अनेक व्यक्तियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।








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