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ढेकियाजुली सीट से अशोक सिंघल का नामांकन मंजूर, आपत्तियों के बावजूद भारत निर्वाचन आयोग का फैसला

 


ढेकियाजुली, आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र ढेकियाजुली विधानसभा सीट से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। एक दिन तक चली अनिश्चितता, गहन जांच-पड़ताल और आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बाद आखिरकार भारत निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एवं मंत्री अशोक सिंघल के नामांकन को वैध घोषित कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उनके चुनावी मैदान में बने रहने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।


निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अशोक सिंघल द्वारा दाखिल किए गए सभी चार नामांकन पत्रों की विधिवत जांच की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई और संबंधित नियमों के तहत उनका परीक्षण किया गया। अंततः आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि नामांकन में कोई ऐसी गंभीर त्रुटि या कानूनी कमी नहीं पाई गई, जिसके आधार पर इसे निरस्त किया जा सके।


गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशी बताश ओरंग ने सिंघल के नामांकन पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि नामांकन दस्तावेजों में महत्वपूर्ण पहचान संबंधी विवरण अधूरे हैं, कुछ पन्नों के साथ छेड़छाड़ की गई है तथा आवश्यक सूचनाएं पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं की गई हैं। इन आरोपों के आधार पर उन्होंने निर्वाचन आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था।


आयोग ने इन आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया। दस्तावेजों की पुनः जांच, प्रस्तुत साक्ष्यों का विश्लेषण और अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया कि लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके और नामांकन प्रक्रिया विधिसम्मत पाई गई।


इस बीच, आयोग ने कांग्रेस उम्मीदवार बताश ओरंग के नामांकन को भी वैध घोषित कर दिया है। ऐसे में ढेकियाजुली सीट पर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक रोचक हो गया है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ढेकियाजुली सीट इस बार हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में से एक बन सकती है, जहां दोनों प्रमुख दल पूरी ताकत झोंकेंगे। स्थानीय स्तर पर भी इस निर्णय के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और उम्मीदवारों ने अपने-अपने चुनावी अभियान को गति देना शुरू कर दिया है।


अब सभी की नजरें निर्वाचन आयोग की आगे की औपचारिक घोषणाओं, नाम वापसी की प्रक्रिया और चुनाव प्रचार के आगामी चरणों पर टिकी हैं, जो इस महत्वपूर्ण सीट के राजनीतिक समीकरणों को और स्पष्ट करेंगे।

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