शिवसागर चुनाव में बड़ा तूफान : रायजोर दल ने बीजेपी उम्मीदवार कुशल दुवरी का नामांकन रद्द करने की मांग की : आपराधिक मामले छिपाने का आरोप : रिटर्निंग ऑफिसर ने जांच प्रक्रिया में वैध करार दिया - Rise Plus

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शिवसागर चुनाव में बड़ा तूफान : रायजोर दल ने बीजेपी उम्मीदवार कुशल दुवरी का नामांकन रद्द करने की मांग की : आपराधिक मामले छिपाने का आरोप : रिटर्निंग ऑफिसर ने जांच प्रक्रिया में वैध करार दिया

 




शिवसागर जिले की तीनों विधानसभा सीटों क्रमशः शिवसागर, डिमौ और नाजिरा से सभी 20 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए 


प्रीति पारीक, शिवसागर, असम विधानसभा चुनाव 2026 की चर्चित शिवसागर विधानसभा सीट पर नामांकन प्रक्रिया के दौरान गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। रायजोर दल के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अखिल गोगोई के चुनाव एजेंट अमलान ज्योति गोगोई ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कर बीजेपी उम्मीदवार कुशल दुवरी का नामांकन रद्द करने की मांग की थी। शिकायत में मुख्य आरोप था कि कुशल दुवरी ने फॉर्म-26 (एफिडेविट) में अपने लंबित आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी छिपाई है और गलत विवरण दिया है। रायजोर दल की शिकायत के अनुसार, कुशल दुवरी ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय एफिडेविट के क्लॉज-6 में सेशन केस नंबर 130/2010 (बोखाखाट थाना केस नंबर 42/2009) का जिक्र किया, जिसमें उन्हें अतिरिक्त सेशन जज, गोलाघाट की अदालत ने 5 मार्च 2022 को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपील दायर करने का उल्लेख किया, लेकिन अपील नंबर गलत बताया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने सेशन केस 130/2020 की जानकारी पूरी तरह छिपाई, दोषसिद्धि के खिलाफ अपील की नवीनतम स्थिति और किसी भी स्टे ऑर्डर (रोक) का विवरण नहीं दिया। आवेदन में कहा गया कि नामांकन के समय आपराधिक पूर्ववृत्त (criminal antecedents) का पूर्ण खुलासा निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार अनिवार्य है। गैर-खुलासा मतदाताओं के सूचित चुनाव अधिकार में बाधा डालता है और उम्मीदवार द्वारा अनुचित लाभ उठाने का मामला बनता है। रायजोर दल ने रिटर्निंग ऑफिसर से तत्काल संज्ञान लेते हुए कुशल दुवरी का नामांकन खारिज करने की अपील की थी। इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई ने कहा कि हमने बीजेपी उम्मीदवार कुशल दुवरी के खिलाफ चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी। कारण यह है कि 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले किसी भी अपराधी को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है। इसी आधार पर चुनाव आयोग ने अभी तक शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार का नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया था और उनसे लिखित शपथ-पत्र मांगा था। हम आशा करते हैं कि चुनाव आयोग जांच करके सैद्धांतिक रूप से उनका नामांकन पत्र अस्वीकार कर देगा।


वहीं नामांकन पत्र और रायजोर दल की शिकायत की सुनवाई के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी उम्मीदवार कुशल दुवरी की एफिडेविट में टाइपिंग एरर माना और नामांकन को वैध करार देते हुए स्वीकार कर लिया। आज देर शाम हुई सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कुशल दुवरी का नामांकन स्वीकार कर लिया। रायजोर दल के प्रतिनिधि अमलान ज्योति गोगोई ने पत्रकारों को बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने शपथ-पत्र में पाई गई खामी को “टाइपिंग एरर” मान लिया है। हालांकि कुशल दुवरी के अधिवक्ता द्वारा दाखिल किए गए दूसरे शपथ-पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर ने अस्वीकार कर दिया। अमलान ज्योति गोगोई ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने टाइपिंग एरर के के रूप में गलती होने की बात स्वीकार की है। लेकिन हम इस फैसले के खिलाफ आगे कानूनी कदम उठाएंगे। शपथ-पत्र में दी गई गलत जानकारी और छुपाए गए तथ्यों के आधार पर नामांकन खारिज नहीं किया जा सकता, ऐसा रिटर्निंग ऑफिसर ने लिखित रूप में बताया है।


यह पूरा मामला वर्ष 2009 में बोखाखाट थाने में दर्ज केस नंबर 42/2009 काजीरंगा के संरक्षित क्षेत्र में मछली पकड़ने की घटना से संबंधित था। जिसमें वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत कुशल दुवरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। गोलाघाट की अतिरिक्त सत्र अदालत ने कुशल दुवरी (जिन्हें कि पहले जयंत हजारिका के नाम से भी जाना जाता है) को दो वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सजा के विरुद्ध उच्च न्यायालय से मिली राहत या अपील की स्थिति का शपथ-पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया गया था। जो कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।


शिवसागर विधानसभा सीट इस बार रोमांचक त्रिकोणीय लड़ाई की ओर बढ़ रही है। भाजपा ने नामांकन के आखिरी दिन कुशल दुवरी को टिकट देकर एजीपी के साथ ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बना दी है। एजीपी के उम्मीदवार प्रदीप हजारिका भी चुनावी मैदान में हैं। रायजोर दल के अखिल गोगोई तीसरे मजबूत दावेदार हैं।  


शिवसागर जिले की तीनों विधानसभा सीटों क्रमशः शिवसागर, डिमौ और नाजिरा से कुल 20 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। आज नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी 20 उम्मीदवारों के नामांकन वैध करार देते हुए स्वीकार कर लिए गए हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च है।


कुल मिलाकर शिवसागर सीट को लेकर असम का चुनावी माहौल गरमा गया है। यह विवाद असम विधानसभा चुनाव 2026 में नामांकन प्रक्रिया के दौरान उठा पहला बड़ा मुद्दा बन गया है। जो उम्मीदवारों की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। शिवसागर के मतदाता इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। यदि आगे कोई कानूनी चुनौती होती है तो सीट की चुनावी लड़ाई और भी दिलचस्प हो सकती है। एनडीए के अंदर ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबला’ और विपक्षी रायजोर दल के आरोप-प्रत्यारोप के बीच शिवसागर अब असम चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है।

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