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शिवसागर सीट पर सियासी ड्रामा चरम पर : एजीपी प्रत्याशी प्रदीप हजारिका ने दोस्ताना मुकाबला न करने का ऐलान किया : भाजपा टिकट मिलने पर वापस लेंगे नामांकन



शिवसागर और नाजिरा दो सीटों में निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे बड़े बेटे सुदर्शन हजारिका : बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाई


शिवसागर, असम विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच शिवसागर सीट पर एनडीए गठबंधन के अंदर तनाव और सस्पेंस जारी है। असम गण परिषद (एजीपी) के प्रत्याशी प्रदीप हजारिका ने स्पष्ट किया है कि वे शिवसागर में भाजपा के साथ मित्रतापूर्ण प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे। यदि भाजपा इस सीट से अपना प्रत्याशी उतारती है, तो प्रदीप हजारिका अपना नामांकन वापस ले लेंगे। साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि, उनके बड़े बेटे तथा एजीपी की युवा इकाई असम युवा परिषद के नेता सुदर्शन हजारिका शिवसागर और नाजिरा दोनों सीटों से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।


आज असम युवा परिषद के नेता सुदर्शन हजारिका ने एजीपी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदीप हजारिका के समर्थकों के साथ बैठक के बाद यह फैसला सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि यह साझा निर्णय है ताकि गठबंधन की एकता बनी रहे और वोटों का बंटवारा न हो।


इस बीच, शिवसागर सीट से बीजेपी के मजबूत दावेदार कुशल दुवरी गुवाहाटी पहुंचे, सीएम हिमंत विश्व शर्मा से की मुलाकात की। दूसरी ओर, शिवसागर से भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार और थावरा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुशल दुवरी आज सुबह गुवाहाटी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के आवास पर मुलाकात की और वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा की। कुशल दुवरी ने अपनी दावेदारी और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।


टिकट मिलेगा या निर्दलीय लड़ेंगे – कुशल दुवरी का दमदार ऐलान


शिवसागर में भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश चरम पर है। पार्टी की पहली और दूसरी उम्मीदवार सूची में कुशल दुवरी का नाम नहीं होने के बावजूद उनके समर्थक आशान्वित हैं। एनडीए समझौते के तहत भाजपा ने शिवसागर सीट एजीपी को सौंपी है और प्रदीप हजारिका ने शुक्रवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया है। फिर भी भाजपा कार्यकर्ता कमल चिन्ह पर चुनाव लड़ने के लिए बेताब हैं – चाहे वह दोस्ताना मुकाबला ही क्यों न हो।


शनिवार को शहर के केपीएम चारिआली में समर्थकों की जोशीली बैठक में कुशल दुवरी ने कहा, "मैं 95 प्रतिशत से अधिक आश्वस्त हूं कि पार्टी मुझे टिकट देगी। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और उच्च नेतृत्व से ग्रीन सिग्नल का इंतजार है। सिग्नल मिला तो भाजपा से लड़ेंगे, अन्यथा निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरेंगे। लेकिन किसी भी हाल में हार नहीं मानेंगे।"


बैठक में शिवसागर विधानसभा क्षेत्र की 278 बूथ कमिटियों के अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने कुशल दुवरी को पूर्ण समर्थन का संकल्प लिया। नारे लगे – "कुशल दुवरी ही शिवसागर की आवाज हैं", "भाजपा जिंदाबाद", "नरेंद्र मोदी जिंदाबाद", "डॉ. हिमंत विश्व शर्मा जिंदाबाद"।


कुशल दुवरी ने घोषणा की कि वे नामांकन के अंतिम दिन (सोमवार) सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि नामांकन दिवस पर पूरा जोश दिखाएं और उनके साथ खड़े रहें।


इस बीच ऊपरी असम की प्रतिष्ठित शिवसागर सीट को लेकर सियासी थ्रिलर निर्णायक मोड़ पर है। परिसीमन के बाद नवगठित शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के भौगोलिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। जिससे कि यहां के जातिगत समीकरण अब पूरी तरह से बदल गए हैं। 


मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कल कहा था कि शिवसागर सीट पर विचार-विमर्श जारी है और एजीपी से बात करके जल्द फैसला लिया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता अब तीसरी सूची या अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कुशल दुवरी का रुख अडिग है – उनका कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान केवल भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीतकर ही संभव है।


शिवसागर सीट पर यह सियासी ड्रामा अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। क्या भाजपा कुशल दुवरी पर दांव लगाएगी? या कोई सरप्राइज होगा? क्या प्रदीप हजारिका नाम वापस लेंगे? या निर्दलीय मुकाबला होगा? चुनावी मैदान में असली हीरो कौन बनेगा – इसका जवाब जल्द मिलने वाला है। कार्यकर्ता और जनता बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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